बढ़ती आधुनिकता को अक्सर अंग्रेज़ी भाषा के साथ जोड़ लेना कहाँ तक सही है? अंग्रेज़ियत वाले लोग यदि खुद को ज़्यादा समझदार है तो उनका यह भ्रम तोडना चहिये। क्योंकि अंग्रेजी महज़ एक भाषा है, जिसे दुनियां के एक समूह ने इतना बोला कि आज यह वैश्विक भाषा बन गई। दुनियां के हर हिस्से में अंग्रेज़ों ने अपन अंग्रेजी का उपयोग बोलचाल और दैनिक व्यवहार में किया इसीलिए आज अंग्रेजी की खुमारी सबके सर छड़ी हुई है।

तो आइये हम भी अपनी भाषा बोले। अपनी हिंदी अपनाये। अपनी मातृभाषा पर गर्व करें। यकीन मानिये अंग्रेज़ी का गुलाम बनने से अच्छा है माँ हिंदी का सेवक बनना।

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