बुधवार को प्रदेश कांग्रेस की फूट खुलकर सामने आई हैं। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वेंद्र सिंह के बीच सब कुछ ठीक नही चल रहा हैं। इससे पहले भी राजस्थान में कांग्रेस की आपसी फूट देखने को मिली हैं। हालिया दौर में प्रदेश कांग्रेस में चल रहा डिनर डिप्लोमेसी भी इसी का नतीजा हैं। राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज व वरिष्ठ नेताओं में आपसी कलह के चलते प्रदेश प्रभारी गुरूदास कामत ने डिनर डिप्लोमेसी के जरिए संग्रहित करने की नाकामयाब कोशिश की। प्रदेश में कांग्रेस में इस समय तीन हिस्सों में बटी हुई हैं। पहला हिस्सा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके समर्थकों का हैं जो राजस्थान में फिर से मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देख रहे हैं। दूसरा हिस्सा प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट का हैं, पायलट को केंद्र ने राजस्थान में चुनावी चेहरा बनाना चाह रहे हैं तो ऐसे में प्रदेश कांग्रेस का तीसरा धड़ा सीपी जोशी जी भी अपना मुंह आगे निकाल रहे हैं और राजस्थान में मुख्यमंत्री पद पर कांग्रेस का चेहरा बनना चाहते हैं।

पार्टी से असंतुष्ट दिखे विश्वेंद्र सिंह

नौ महीने पहले कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के समर्थन में पार्टी पदाधिकारियों से हाथ खड़े करवाने वाले वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वेंद्र सिंह इन दिनों पार्टी से असंतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। पार्टी की मौजूदा राजनीति को लेकर उनकी नाराजगी इस हद तक बढ़ गई है कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से वरिष्ठ उपाध्यक्ष का पद तक छोड़ने की पेशकश कर दी है।

पायलट ने कहा, पार्टी में सबकुछ अच्छा

हालांकि, इस मसले पर पायलट ने कहा कि पार्टी में कोई असंतुष्ट नहीं है। वहीं, विश्वेंद्र सिंह ने साफ किया कि वे कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और अपनी भावनाओं से पार्टी अध्यक्ष को अवगत करवा दिया है। विश्वेंद्र सिंह के इस्तीफे की बात बुधवार सुबह चर्चाओं में आई।

पार्टी की ओर से समर्थन नही मिलने से नाराज हैं विश्वेंद्र सिंह

विश्वेंद्र सिंह ने इतना कहा कि वे बहुत दुखी हैं और अपनी बात अध्यक्ष बता चुके हैं। लेकिन, उनके नजदीकी लोगों का मानना है कि पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। सरकार के खिलाफ पार्टी उतनी आक्रामक नहीं है जितना होना चाहिए। यहां तक कि नोटबंदी मामले में विश्वेंद्र सिंह ने आरबीआई गवर्नर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन, पार्टी की तरफ से उनके समर्थन में कोई नहीं उतरा। विश्वेंद्र सिंह की नाराजगी की एक बड़ी वजह यह भी है। बताया जा रहा है कि बुधवार को पायलट से हुई बातचीत में उन्होंने इस्तीफे की पेशकश कर दी थी, लेकिन पायलट ने उन्हें शांत रहने को कहा है।

कांग्रेस विवाद में उतरे किरोड़ी

उधर, नेशनल पीपुल्स पार्टी के नेता एवं विधायक किरोड़ीलाल मीणा ने कहा है कि विश्वेंद्र सिंह की नाराजगी जायज है। सरकार बेहद कमजोर स्थिति में है। इसके बावजूद सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस आक्रामक नहीं है। किरोड़ी ने कांग्रेस को सलाह दी कि वह सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे प्रेसवार्ता, विज्ञप्ति एवं धरने-प्रदर्शनों को छोड़ कर सरकार की विफलताओं को जनता के सामने ले जाने का काम करें।

राजस्थान में कांग्रेस की मुश्किले पहले से ही कम नही हैं ऐसे में विश्वेंद्र सिंह जैसे दिग्गज नेता का विरोध में उतरना व प्रदेश कांग्रेस के अधिकारियों से नाराज होना सिद्ध करता हैं कि कांग्रेस में सबकुछ ठीक नही चल रहा हैं। अब राजस्थान कांग्रेस तीन वरिष्ठों के साथ साथ विश्वेंद्र सिंह भी मैदान में आ रहे हैं। इस मौके को देखकर एनपीपी विधायक किरोड़ी लालमीणा भी कांग्रेस विवाद में कूद पड़े हैं। अब कांग्रेस का क्या हाल होगा वो आने वाले विस चुनाव ही निर्धारित करेंगे।

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