किसान के विकास से प्रदेश का विकास करने का विजन रखने वाली राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश के किसानों को राहत देते हुए अवधिपार ऋण चुकाने पर ब्याज में 50 फीसदी की छूट दी हैं। मुख्यमंत्री राजे किसानों के साथ ही राजस्थान के विकास का सपना देखती हैं और वे इसे पूरा करने के लिए कृषक हितेषी योजनाओं और कार्यक्रमों को जमीनी हकीकत पर लाती हैं। मुख्यमंत्री राजे ने राजस्थान के किसान के विकास को ही राजस्थान के विकास बताया हैं। ऐसे में किसानों का तरक्की करना महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री राजे ने सूबे के किसान वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए भरसक प्रयास किये हैं। सोमवार को  मुख्यमंत्री राजे ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत देते हुए अवधिपार ऋण चुकाने पर ब्याज में 50 प्रतिशत तक की छूट दी है। मुख्यमंत्री राजे ने गत वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल से होने वाली आय में कमी के कारण समय पर ऋण नहीं चुका पा रहे किसानों के हित में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री राजे के इस फैसले से प्रदेश भर के 84 हज़ार किसानों को लाभ मिलेगा।

30 से 50 प्रतिशत तक की मिलेगी छूट

प्राथमिक भूमि विकास बैंकों से दीर्घ अवधि ऋण लेकर समय पर नहीं चुका पाने वाले किसानों को अब ब्याज की राशि में 30 से 50 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने सोमवार को एक मुश्त योजना की घोषणा की है। जो किसान 30 अप्रेल तक अवधिपार ऋण चुका देंगे उन्हें इस योजना का फायदा मिल सकेगा।

एक जुलाई, 2016 को 10 साल से अधिक के अवधिपार ऋणी किसानों को बकाया अवधिपार राशि जमा कराने पर ब्याज में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। वहीं, 6 साल से अधिक लेकिन 10 साल तक के अवधिपार ऋणी किसानों को 40 प्रतिशत एवं एक साल से अधिक लेकिन 6 साल तक के अवधिपार ऋणी किसानों को 30 प्रतिशत छूट मिलेगी।

85 हज़ार किसानों को मिलेगा फायदा : पिछले सालों में फसल खराबे से हुए नुकसान के चलते करीब 85 हज़ार किसान 700 करोड़ रुपए का दीर्घ अवधि ऋण नहीं चुका पाए हैं। इसमें 95% से ज्यादा ऋण 2014 तक के हैं।

दण्डनीय ब्याज तथा वसूली खर्च की राशि को भी किया माफ

ये लोन ग्रामीण क्षेत्रों में हाऊसिंग और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों के लिए दिया जाता है। इस पर ब्याज की दर समय-समय पर बदलती रहती है लेकिन मोटे तौर पर 2014 तक बांटे गए लोंग टर्म लोन पर 12% या इससे ज्यादा ब्याज और अवधि पार होने पर 3% की पेनल्टी ली जाती है। वहीं 2015 से सरकार ने कृषि कार्यों के लिए दिए जाने वाले लोंग टर्म लोन पर ब्याज में 5% की सब्सिडी शुरू कर दी थी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऐसे अवधिपार ऋणी किसान जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके परिवारों को किसान की मृत्यु तिथि से सम्पूर्ण ब्याज, दण्डनीय ब्याज एवं वसूली खर्च को पूरी तरह माफ कर राहत दी गई है। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने बताया कि यह योजना 30 अप्रेल, 2017 तक लागू रहेगी। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई, 2016 को 10 वर्ष से अधिक के अवधिपार ऋणी किसानों को बकाया अवधिपार राशि जमा कराने पर ब्याज में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी। वहीं 6 वर्ष से अधिक परन्तु 10 वर्ष तक के अवधिपार ऋणी किसानों को 40 प्रतिशत एवं एक वर्ष से अधिक परन्तु 6 वर्ष तक के अवधिपार ऋणी किसानों को 30 प्रतिशत छूट मिलेगी। सहकारिता मंत्री ने बताया कि इस योजना में ऋणी किसानों के दण्डनीय ब्याज तथा वसूली खर्च की राशि को माफ किया गया है।

किलक ने किया प्रदेश के किसानों से ऋण चुकाने का आह्वान

सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऐसे अवधिपार ऋणी किसान जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके परिवारों को किसान की मृत्यु तिथि से सम्पूर्ण ब्याज, दण्डनीय ब्याज एवं वसूली खर्च को पूरी तरह माफ कर राहत दी गई है। उन्होंने बताया कि इस योजना का फायदा 36 प्राथमिक भूमि विकास बैंकों एवं उनकी 133 शाखाओं के माध्यम से ऋण लेने वाले किसानों को मिलेगा। किलक ने प्रदेश के किसानों का आह्वान किया है कि योजना की तय अवधि में ऋण जमा कराकर छूट का लाभ उठाएं।

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