बेटियों को बचाने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा की जा रही कोशिशे अब कामयाब होने लगी हैं। बेटियों को बचाने की मुहिम अब रंग लाने लगी हैं। राजस्थान में जीवित जन्म शिशु दर के बालिका लिंगानुपाल में 40 और सामान्य लिंगानुपात में 16 अंकों का सुधार हुआ हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 4 के अनुसार जीवित जन्म शिशु दर का अंक 887 से घटकर 847 रह गया हैं। जबकि 0 से 5 वर्ष के जीवित जन्म बच्चों पर  लिंगानुपात निकाला गया हैं। इसी तरह राजस्थान की कुल जनसंख्या पर शहरी क्षेत्र में लिंगानुपात 928 हैं ग्रामीण क्षेत्र में यह 989 है इसकी औसत 16 अंकों की बढ़ोत्तरी के साथ अब 957 से 973 हो गया हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राजन चौधरी के अनुसार 0 से 5 वर्ष तर बालिका लिंगानुपात में सुधार का प्रमुख कारण राजस्थान में डिकॉय ऑपरेशन हैं उन्होने बताया कि जनजागरुकता से भी प्रदेश के लिंगानुपात में बढ़ोत्तरी हुई हैं।

वसुंधरा सरकार की इन योजनाओं से मिली बेटियों को बचाने में कामयाबी

राजस्थान सरकार प्रदेश में लगातार गिर रहे बेटियों के लिंगानुपात पर चिंता जाहिर करते हुए बेटियों को बचाने की कई योजनाएं बनाई। वसुंधरा सरकार ने प्रदेश के लोगों को जागरुक किया और पीसीपीएनडीटी सैल को ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के खुले निर्देश दिए जो बेटियों के भ्रुण में ही लिंग जांच करवाते हैं। इसके चलते पीसीपीएनडीटी की सैल ने प्रदेश के कई हिस्सों में ऐसे केंद्रों पर कार्रवाई की जहां लिंग जांच होता हों ओर ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का कार्य किया जो इन कार्यों में लिप्त हो। राजस्थान सरकार ने बेटियों को बचाने और उन्हे समाज, परिवार का अभिन्न हिस्सा बनाने कि लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं में राजश्री योजना, मुख्यमंत्री हमारी बेटी योजना, आपकी बेटी योजना, मुखबिर बेटी योजना, जीपीएस युक्त सोनोग्राफी मशीनों का प्रयोग आदि योजनाओं से बेटियों को बचाने में वसुंधरा सरकार को सहायता मिली हैं जिनके सकारात्मक परिणाम आज सभी के सामने हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा द्वारा जिन परिवारों में बेटियों का जन्म होता है उन्हे हस्ताक्षरित बधाई संदेश भेजे जाते हैं।

मुखबिर योजना

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बेटियों को बचाने के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनयम के क्रियान्वयन को प्रभावी करने के लिए यह योजना बनाई हैं। इस योजना के अन्तर्गत जो लोग लिंग जांच अथवा भ्रुण जांच की पुख्ता जानकारी देते हैं व आरोपियों को प्रभावी रुप से पकडवाने में सहायता करते हो उन्हे राजस्थान सरकार 2 लाख रुपये का इनाम देकर प्रोत्साहित करती हैं। सरकार यह राशि तीन किश्तों में देती हैं।  इस योजना के द्वारा अब राजस्थान सरकार डिकॉय ऑपरेशन में सहायता करने वाली महिला और उसके सहयोगी को भी प्रोत्साहित राशि प्रदान करती हैं।

जीपीएस युक्त सोनोग्राफी मशीनों का उपयोग

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश में बेटियों को बचाने के लिए कई योजनाओं को लागू किया हैं।  राजस्थान में बेटियों की संख्या को बढाने के लिए अब जीपीएस ट्रेकिंग सिस्टम वाली सोनोग्राफी मशीनों का उपयोग किया जा रहा हैं। इन मशीनों को जीपीएस ट्रेकिंग सिस्टम से ट्रेक किया जा सकता हैं। अगर प्रदेश में कही भी लिंग परीक्षण की सूचना मिलती हैं तो पीसीपीएनडीटी की सैल सीधा कार्रवाई कर सकती हैं। इससे अपराधियों में भय का माहोल बना और बेटियों की संख्या में इजाफा हुआ।

 

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