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राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाओं को देखते हुए हर रोज नवाचार किए जा रहे हैं। राजस्थान में बिजली का पर्याय बनी सौर ऊर्जा को हर घर में पहुंचाने के लिए राज्य सरकार अभूतपुर्व प्रयास कर रही है। राजस्थान में देश की नामी गिनामी कंपनियों ने सौर ऊर्जा से बिजली बनाने के लिए अपनी इच्छा जताई है और अब राजस्थान सौर ऊर्जा से बिजली बनाने के मामले में देश के पांच प्रथम राज्यों में शामिल है। हाल ही में राजस्थान के जोधपुर से सौर ऊर्जा के क्षेत्र से सकारात्म खबर आई है। प्रदेश में स्थित जोधपुर नेशनल विश्वविद्यालय अब खुद की बिजली से चलेगा साथ ही आवश्यकता से ज्यादा उत्पन्न हुई बिजली को सस्ती दरों में बिजली विभाग को सप्लाई करेगा।

520 किलोवॉट होगी क्षमता

जोधपुर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू)। देश की पहली युनिवर्सिटी है जो अपनी बिजली खुद बनाएगी और बेचेगी भी। यहां 250 किलोवॉट क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट अगले महीने शुरू हो रहा है। इससे हर माह यूनिवर्सिटी की जरूरत की 45 हजार यूनिट बिजली तैयार हो सकेगी। एनएलयू की वीसी पूनम सक्सेना ने बताया कि इस वर्ष के अंत तक 750 किलोवॉट क्षमता का एक और सोलर प्लांट शुरू हो जाएगा। इस तरह हर महीने 1.35 लाख यूनिट बिजली बनेगी, जो 5 लाख रु. में कंपनियों को बेची जाएगी।

राजस्थान विश्वविद्यालय में भी लगेगा सोलर प्लांट

इस विश्वविद्यालय की तर्ज पर राजस्थान यूनिवर्सिटी में भी जल्द ही सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की जाएगी जिससे यूनिवर्सिटी के व्यय में प्रतिमाह 10 लाख रुपये की बचत होगी। सोलर प्लांट की स्थापना के लिए जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने यूनिवर्सिटी को 6.50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस सोलर प्लांट से उत्पन्न हुयी विद्युत् यूनिवर्सिटी को 50 प्रतिशत की रिबेट के साथ मिलेगी।

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