दिवाली पर गहलोत सरकार के बेदर्दी तोहफे से खफा प्रदेश की जनता, आधी रात से शुरू हुई टोल वसूली

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जयपुर। तमाम गतिरोधों के बावजूद मनमर्जी का महापौर-पालिकाध्यक्ष बनाने वाली गहलोत सरकार स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूलने के फैसले से भी पीछे नहीं हट रही है। सरकार की ओर से राज्य राजमार्गों पर टोल शुल्क लागू करने का नोटिफिकेशन जारी होते ही आज गुरुवार आधी रात से ही टोल वसूली की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब प्राइवेट वाहनों के साथ ही निजी वाहनों को भी हर टोल नाके पर 30-55 रुपये टैक्स के रूप में चुकाने होंगे। हालांकि सरकार का कहना है कि प्रदेश में स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को टोल शुल्क में छूट देने के पूर्ववर्ती सरकार के बिना सोचे-समझे एवं जल्दबाजी में लिए गए फैसले से प्रदेश में सड़कों की मरम्मत और रखरखाव के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में राजमार्गों पर टोल वसूली करने का उद्देश्य जनहित एवं राजकोष पर आने वाली बड़ी देनदारी से निपटने के लिए लिया गया है।

एक वर्ष में 172 करोड़ रुपये का नुकसान – सरकार
गौरतलब है कि पूर्ववर्ती वसुंधका सरकार ने अप्रैल 2018 में राज्य राजमार्गों को निजी वाहनों के लिए टोल फ्री कर दिया था। लेकिन गहलोत सरकार की मानें तो पिछली सरकार के इस फैसले से राज्य पर 172 करोड़ रुपए का भार पड़ चुका है। साथ ही सड़कों पर टोल लगाने का मुख्य उद्देश्य सड़कों का सुदृढ़ीकरण एवं इसके बाद रखरखाव करना है। पूर्व सरकार ने निजी वाहनों को 55 स्टेट हाईवे पर लगने वाले टोल शुल्क से छूट प्रदान की थी। जिसके परिणामस्वरूपवर्ष 2017-18 में प्रदेश के आर्थिक नुकसान होने के साथ ही सड़कों की मरम्मत एवं निर्माण कार्यों पर भी विपरीत असर पड़ा। उस फैसले को गहलोत सरकार ने अनुबंधों की शर्तों का भी उल्लंघन बताया था।

पहले 851 करोड़ रुपये थी सालाना आय
गहलोत सरकार ने अपने पक्ष में तर्क देते हुए बताया कि टोल बूथ पर छुट देने से पहले पीडब्ल्यूडी, आरएसआरडीसी और रिडकोर की विभिन्न सड़कों पर सालाना टोल शुल्क संग्रहण करीब 851 करोड़ रुपए का था। जिससे प्रदेशभर में सड़कों के निर्माण राशि का पुनर्भरण और मरम्मत कार्य आसानी से हो रहा था।

पूर्व मुख्यमंत्री का गहलोत सरकार पर निशाना
गहलोत सरकार के इस फैसले का पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जमकर विरोध किया है। राजे ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट के माध्यम से कहा है कि जनता की मांग पर हमारी सरकार ने राज्य राजमार्गों पर निजी वाहनों को टोल फ्री करने की सौगात दी थी, जिससे मध्यम वर्ग को काभी लाभ हुआ था। लेकिन अब कांग्रेस ने सरकार उस फैसले को बदलकर वापस टोल वसूली शुरू दी है।


उन्होंने आगे लिखा कि ये ही अंतर है कांग्रेस व भाजपा की सरकारों में। हम जनता को राहत देने का काम करते हैं और वो जनता को आहत करने का काम करते हैं।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां का प्रतिक्रिया

 

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