राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र के चार ज़िलों जालोर, सिरोही, बाड़मेर और पाली में पिछले दिनों आई बाढ़ के कारण हुए नुकसान से प्रभावित हुए लोगों को राहत पहुंचाए के लिए राजस्थान सरकार कई दिनों से लगातार काम कर रही है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में प्रभावित हुए लोगों के हर नुकसान की भरपाई करने की सरकार कोशिश कर रही है। सरकार के मंत्री एवं प्रशासन आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ अपना कर्त्तव्य निभा रहे हैं। तन और मन से सेवा करने वाले ये अधिकारी अब इस पुनीत कार्य में आर्थिक सहयोग भी देंगे। सरकार के इन आपदा एवं राहत कार्यों में साथ देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में देने की घोषणा की है। ताकि पीड़ितों को जल्द एवं पर्याप्त राहत पहुँच सके। कल बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर आर.ए.एस. एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने एसोसिएशन अध्यक्ष पवन अरोड़ा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री राजे से मुलाकात की। सभी अधिकारियों ने बाढ़ पीडि़तों के लिए अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री कोष में देने की बात कही।

प्रवासी राजस्थानी बाबूलाल एम. भंसाली ने दिए एक करोड़ रूपए:

राजस्थान सरकार को सहयोग देकर बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद करने के लिए प्रदेश के शासन और प्रशासन के साथ ही अनेक भामाशाह भी आगे आए हैं। इनमें राजस्थान से दूर रहकर भी अपने प्रदेशवासियों की चिंता करने वाले प्रवासी राजस्थानी एवं सफल उद्यमी व समाजसेवक बाबूलाल एम. भंसाली प्रमुख है। भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स लिमिटेड, मुंबई के प्रबंध निदेशक बाबूलाल एम. भंसाली ने कल मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात की। बाढ़ पीडि़तों की सेवा और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए भंसाली ने एक करोड़ रुपए का चेक मुख्यमंत्री सहायता कोष में भेंट किया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिलकर भंसाली ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी होने के नाते प्राकृतिक आपदा की इस मुश्किल घड़ी में फंसे प्रदेशवासियों की मदद करना मेरा परम दायित्व है।

विपरीत हालातों में कई बार भामाशाहों ने की है मदद:

राजस्थान की स्वाभिमानी भूमि का इतिहास रहा है कि मुश्किल की घडी में किसी न किसी भामाशाह ने प्रदेश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर इसका मान रखा है। इतिहास के अनेक दौर में ऐसे दानवीर भामाशाह हुए हैं, जिन्होंने आर्थिक सहयोग के अपने समर्पण भाव से राजस्थान को सींचा है। एक ज़माने में वीर महाराणा प्रताप को अपनी संपत्ति दान कर भामाशाह ने राणा के स्वाभिमान और मेवाड़ धरा में नई जान फूंकी थी। उन्हीं आदर्शों पर जीवन का निर्वहन करने वाले बाबूलाल एम. भंसाली ने आज प्रदेश के आपदा प्रभावित जनवासियों को अपने समर्पण से राहत पहुंचाई है।

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