gaushala in Rajasthan

राजस्थान में स्टाम्प ड्यूटी पर गायों के संरक्षण के लिए लगाए गए सेस या अधिभार से प्रदेश में हुई वसूली के द्वारा अब गौशालाओं को सरकार राहत देने जा रही है। इस राशि से इन्हें अनुदान राशि के रूप में देकर गायों के लिए चारे की व्यवस्था होगी। प्रदेश में पिछले साल स्टाम्प ड्यूटी पर दस फीसदी सेस कर लगाया गया था।

सेस से हुई 180 करोड़ की आय

प्रदेश को 180 करोड़ रुपए की आय हुई है जो कि गायों के संरक्षण के पेटे खर्च होगी। इस राशि से प्रदेश में पंजीकृत गौशालाओं को अनुदान राशि दी जाएगी। यह अनुदान राशि आगामी जनवरी माह से शुरू होगी। यह राशि लगातार तीन माह तक अर्थात मार्च माह तक दी जाएगी। नंदीशालाओं को अनुदान राशी के अलावा विशेष सहायाता भी प्रदान की जाएगी।

गौशाला, नंदीशाला संचालक कर सकते हैं 31 दिसंबर तक आवेदन

गौ-संरक्षण के लिए स्टाम्प ड्यूटी पर लगाए सेस का इस्तेमाल करने के लिए राज्य सरकार ने राजस्थान गौसंरक्षण एवं संवर्धन निधि का गठन किया था। इसके तहत स्टाम्प ड्यूटी से एकत्र पैसा गौशालाओं, नंदीशालाओं और कांजी हाउस को निधि के नए बने नियमों के हिसाब से दिया जाएगा। गौशाला, नंदीशाला, कांजी हाउस संचालक इसके लिए 1 से 31 दिसम्बर तक आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है।

इन कामों में इस्तेमाल होगा पैसा

गौवंश संरक्षण के लिए पालन-पोषण, विकास कार्यों एवं योजनाओं में, गौशालाओं और कांजी हाउसों में संपत्ति निर्माण, उत्पादन इकाईयों के लिए जरूरी पैसा इस निधि से लिया जाएगा। इसके अलावा निधि में आए पैसे का 1 प्रतिशत प्रशासनिक कामों में खर्च किया जा सकेगा लेकिन इस फंड से भूमि खरीद, बिजली बिल, वेतन-भत्ते देने, फर्नीचर बगैराह का खर्च नहीं दिया जाएगा। गौशाला संचालकों को पैसा लेने के लिए गौशाला अधिनियम 1960, कांजी हाउस वालों को नगर पालिका अधिनियम 2009 और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।

नोटबंदी का असर: 200 करोड़ का अनुमान था, 135 ही पाएंगे

राज्यसरकार ने स्टाम्प ड्यूटी पर सेस लगाते वक्त अनुमान लगाया था कि इससे गोपालन विभाग को 200 करोड़ रुपए मिलेंगे लेकिन नोटबंदी की वजह से सरकार की इस उम्मीद को धक्का लगा है। इस वित्तीय वर्ष में अब सरकार को 135-140 करोड़ रुपए ही इकठ्ठा हो पाएंगे क्योंकि नोटबंदी के बाद प्रोपर्टी बाजार में मंदी है। 2015-16 में गोपालन विभाग को इससे 13.16 करोड़ और 2016-17 अक्टूबर तक 90.46 करोड़ रुपए मिले हैं। इस तरह अभी तक विभाग को 103.46 करोड़ रुपए ही स्टाम्प ड्यूटी से मिल सके हैं। गौरतलब है कि सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी पर 10 प्रतिशत सेस लगाया हुआ है।

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