राजस्थान सरकार के बिजली बचाने के प्रयासों की केंद्र स्तर पर भी तारीफ हो रही है। वसुंधरा सरकार द्वारा प्रदेश में बिजली छीजत को घटाने के लिए किए जा रहे कार्यक्रमों की चौतरफा सरहाना हो रही है।

राजस्थान में बिजली की छीजत रोकने, उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त बिजली मुहैया कराने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अजमेर जिले का बिठुर मॉडल अब दूसरे राज्यों में दिखने की तैयारी कर रहा हैं।

केंद्र सरकार ने प्रदेश के बिठुर मॉडल से प्रेरित होकर उदय योजना से जुड़े 16 राज्यों को इसे अपनाने की सलाह दी हैं। केंद्र की प्रसंशा के बाद अब मुख्यमंत्री प्रदेश भर में बिजली की छीजत रोकने के लिए इसे लागू करेंगी।

इसके लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जिले के सभी उपखंडों के बिजली छीजत रोकने के लिए उपखंड़ अधिकारियों का एक विशेष दल गठित कर रही है । इन दलों में स्थानीय महिला और पुरुषों को  भी शामिल किया जाएगा और अच्छा कार्य करने वालें लोगों को राज्य सरकार द्वारा पुरुस्कृत भी किया जाएगा। ये महिला और पुरुष गांवों के लोगों को बिजली चोरी से होने वाले नुकसान के बारे में समझाएंगे और बिजली छीजत को कम करने में सहयोग करेंगे।

क्या है अजमेर का बिठुर मॉड़ल

अजमेर जिले की नसीराबाद तहसील में बिठुर गंवा में गांव की महिलाओं ने खुद बिजली चोरों के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाया था। स्थानीय महिलाओं ने ही बिजली चोरी को रोका। ग्रामीण महिलाओं और ग्रामीणों की समझाइश भरी पहल से कई लोगों ने बिजली चोरी करना छोड़ दिया और जिन लोगों ने बिजली चोरी करना नही छोड़ा उन्हे ग्रामीणों में विजिलेंस टीम के हवाले कर दिया। ग्रामीण महिलाओं और ग्रामीणों की इस पहल से बिजली विभाग के राजस्व में दो महिनों में भारी इजाफा हुआ। इसी तर्ज पर राज्य सरकार अन्य जिलों में ऊर्जा मित्र बनाकर उन्हे गांवों में बिजली चोरी के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है ताकि वे गांवों में बिजली छीजत को रोक सकें।

दूसरे राज्यों में बिठुर बनेगा मिसाल

केंद्र सरकार और राज्य ने एक छोटे से गांव बिठुर में हुए इस बदलाव को देखकर इसे दूसरे राज्यों को भी अपनाने की सलाह दी है। बिठुर जैसे गांव ने बिजली की छीजत रोकने में जो बिजली विभाग का सहयोग किया है वो दूसरे गांवों के लिए मिसाल बन गया हैं। अब केंद्र और राज्य सरकारें बिठुर जैसी व्यवस्था लागू करनी की योजना बना रही हैं।

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