Electricity Power

 

विश्व बैंक ने ऊर्जा क्षमता और संरक्षण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए देश भर के राज्यों की एक रैंकिंग जारी की है इस रैंकिग में राजस्थान को आंध्रप्रदेश के बाद दूसरा स्थान मिला है। राजस्थान सरकार के ऊर्जा के क्षेत्र में किए गये सरहानीय कार्यों से प्रदेश को यह गौरव हासिल हुआ है।

ऊर्जा क्षमता और संरक्षण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में विश्व बैंक द्वारा जारी रैंकिंग में आंध्रप्रदेश 42.01 अंकों से साथ पहले नंबर पर है जबकि राजस्थान 41.89 अंकों के साथ देश में दूसरे स्थान पर काबिज है।

राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश में संभावित ऊर्जा क्षमता का महत्व समझते हुए  इसे अपनाने के भरपूर प्रयास किये। प्रदेश में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए ऊर्जा क्षमता को बढ़ावा देने के प्रयासों में तेजी लाई जा रही है।

ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान सरकार के कार्य-

राजस्थान सरकार ने प्रदेश में ऊर्जा विकास के लिए कई योजनाएं लागू की है। राजस्थान में सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा में संभावित भविष्य को देखते हुए देश की नजरें प्रदेश की और है। सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार प्रयासरत है। विश्वबैंक द्वारा जारी रैंकिंग मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रयासों का ही परिणाम है।

राजस्थान में सौर ऊर्जा, वायु ऊर्जा, जल विद्युत ऊर्जा, जैविक ऊर्जा, बिजली को लेकर नये प्रयोग करने के लिए देश विदेश की कंपनियां निवेश करने जा रही है। राजस्थान में सबसे बड़ा सौलर प्लांट स्थापित करने में राजस्थान सरकार बड़ी भूमिका में है।

1- बिजली की छीजत कम करना- मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रयासों के बाद प्रदेश में बिजली की चोरी से संबंधित समस्याओं में सूधार हुआ है। लोगों को बिजली चोरी रोकने के लिए प्रदेश सरकार जागरूक कर रही है जिससे बिजली छीजत की समस्या का समाधान हुआ है।

2- केंद्रीय योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियानव्यन- राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित योजनाओं को प्रदेश में सफलतापूर्वक क्रियान्वित की है। कई केंद्रीय योजनाओं में राजस्थान दूसरे राज्यों के मुकाबले अच्छी प्रगती कर रहा है ।

3- केंद्रीय योजना जैसे दीनदयाल उपाध्याय ज्योति, आईडीपीएस और उदय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए राजस्थान सरकार ने समय पर एक्शन प्लान बनाकर प्रदेश की जनता को विद्युत क्षेत्र में काफी राहत प्रदान की है।

4- फीडर सूधार कार्यक्रम- राजस्थान सरकार ने प्रदेश भर के भीडर सूधार कार्यक्रम चलाया। इस कार्यक्रम के तहत फीडर प्रभारी , फीडर प्रबंधन समितियां और गांवों में समूह बनाकर जनसहभागिता से बिजली चोरी और बिजली छीजत को रोकने के अहम प्रयास किये।

5- ग्रामीण विद्युत समस्या निकारण- मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ग्रामीण विद्युत समस्या निकारण की समस्या को प्रदेश से खत्म करने में अहम भूमिका पेश की है। मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीण इलाकों में विद्युत समस्याओं से निपटने के लिए आवश्यक उपाय किए । गांवों में ट्रिपिंग की समस्या दूर कर उपभोक्ताओं को गुणवत्ता युक्त बिजली उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।

6- एलईडी लाईट्स से रोशन हुआ राजस्थान- राजस्थान सरकार ने स्मार्टसिटी योजना के लिए शहरी सड़को को एलईडी लाईट्स सो रोशन कर दिया है। राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां के लगभग सभी शहरों की सड़कों पर बिजली बचाने के लिए करीब 5 लाख एलईडी लाईट्स लगाई गई है। इससे राजस्थान में विद्युत का अतिरिक्त भार करीब 20 फीसदी कम हुआ है ।

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