मेरे जैसे गरीब भाइयों को राजस्थान सरकार कौशल प्रशिक्षण दे रही है। मैं एक गरीब परिवार से हूँ और ज़्यादा पढ़ा लिखा भी नहीं लेकिन जब मुझे राजस्थान सरकार द्वारा संचालित सीकर में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेन्टर जो मेरे घर से कुछ ही दूर है उसका पता चला तब मैंने वह से कोर्स किया और आज मैं 18000 महीना काम रहा हूँ। मैं हर उस बेरोज़गार को बोलना चाहता हूँ कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। खुद को पहचानों और राज्य सरकार द्वारा दी गयी योजनओं का लाभ उठाओ और बेहतर जीवन की और अग्रसर हो जाओ।

हाल ही में हुए कुछ पर जानकारी देना चाहता हूँ जिससे बेरोज़गारों को ज़्यादा से ज़्यादा लाभ हो सके —
– एडवांस्ड ड्राइविंग ट्रेनिंग, कृषि क्षेत्र, स्पा एवं वेलनेस, पोषण तथा स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी कौशल प्रशिक्षण दे रही है। वसुंधरा राजे ऐसे उभरते हुए क्षेत्रों को चिन्हित कर उनमें कौशल विकास के लिए एमओयू कर रही हैं, जिनमें कुशल श्रम शक्ति की भारी मांग है। तो आज ही अपने नज़दीगी कौशल प्रक्षिक्षण केंद्र में सम्पर्क करें।

– सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए ड्राइविंग की अच्छी ट्रेनिंग बहुत जरूरी है और सभी संभाग मुख्यालयों पर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेन्टर स्थापित किये जा रहें है। सीकर और रेलमगरा में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेन्टर पहले से ही संचालित हैं। कृषि, पशुपालन तथा उद्यानिकी के क्षेत्र में भी कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

– फिटनेस एण्ड वेलनेस के क्षेत्र में न सिर्फ हमें अच्छे वेतन वाले रोजगार मिल सकते हैं बल्कि इससे राज्य के पर्यटन को भी बल मिलेगा।

– डायलिसिस असिस्टेंट एवं टेक्नीशियन की भी ट्रेनिंग मिल रही है। इसके लिए झालावाड़, अजमेर एवं बीकानेर में तीन सेन्टर स्थापित किए जा रहें है। झालावाड़ में युवाओं को डायलिसिस असिस्टेंट एवं डायलिसिस टेक्नीशियन की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

– स्वास्थ्य से जुड़े क्षेत्रों प्रशिक्षण को आवश्यकता है ताकि अनुभवहीनता के कारण लोगों की सेहत से कोई खिलवाड़ न हो सके।

आगे ज़रूर इस Message को भेजें जिससे मेरे जैसे हज़ारों बेरोज़गारों को इसकी जानकारी मिले और वह कुछ पैसे कमा कर अच्छा जीवन जी सकें।