राजस्थान सरकार पर पिछले साल सितंबर तक 2 लाख 12 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज हो चुका है। वहीं प्रदेश की (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) जीएसडीपी में 6.23 फीसदी और प्रति व्यक्ति आय में 4000 रुपए का इजाफा हुआ है।

राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) रिव्यू की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। सरकार के आ​र्थिक प्रबंधन पर अप्रैल से सितंबर 2016 के छह माह का एफआरबीएम रिव्यू मंगलवार को वित्त विभाग ने जारी कर दिया।

एफआरबीएम रिव्यू के मुताबिक एक साल में सरकार पर 59 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज बढ़ गया। पिछले साल के एफआरबीएम रिव्यू के समय 1 लाख 53 हजार 561.96 करोड़ रुपए कर्ज था।

प्रदेश पर जीएसडीपी का 27.73 फीसदी कर्ज है। छह माह में सरकार के कर राजस्व में 4.72 और गैर कर राजस्व में 10.80 फीसदी का इजाफा हुआ।

सरकार के पास खुद के कर राजस्व से 20,176.38 करोड़ आए। अप्रैल से सितंबर तक बड़े उद्योगों में निवेश 7.32 फीसदी बढ़ा।  छह महीने की इस अवधि में केंद्र से 12,368.69 करोड़ रुपए की ग्रांट मिली।

एमएसएमई सेक्टर में 6788.86 करोड़ का निवेश आया। एमएसएमई सेक्टर की 37,891 यूनिट रजिस्टर्ड थीं। इनमें 2.47 लाख लोगों को रोजगार मिला। अप्रैल से सितंबर के बीच पेट्रोलियम के राजस्व में 446 करोड़ की कमी हुई। पेट्रोलियम राजस्व 1531 करोड़ से घटकर 1084 करोड़ हुआ।

खनन क्षेत्र में राजस्व 208 करोड़ रुपए घट गया। खान का राजस्व 1707.39 करोड़ से घटकर 1499.08 करोड़ हुआ, वहीं परिवहन विभाग के राजस्व में 3.32 फीसदी का इजाफा दिखाया। एफआरबीएम रिव्यू में स्थिर कीमतों पर जीएसडीपी में 6.23 फीसदी का इजाफा दिखाया है। स्थिर कीमतों पर राज्य की जीएसडीपी 5 लाख 44 हजार 014 करोड़ रही। प्रति व्यक्ति आय में 4000 रुपए का इजाफा हुआ है। अब प्रति व्यक्ति आय 70,315 से बढ़कर 74,315 रुपए रही।

 

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