राजस्थान के मारवाड़ में आई बाढ़ की त्रासदी पर तो सरकार ने अपने बेहतर प्रबंधन और कार्यनीति से नियंत्रण पा लिया है लेकिन क्षेत्र के चार ज़िलों में इस आपदा से खासा नुकसान हुआ है। इन क्षेत्रों में बारिश थम जाने के बाद अब सरकार जल्द से जल्द प्रभावितों को पूरी तरह से राहत पहुंचाने में लगी हुई है। राजस्थान सरकार के गृहमंत्री व इस समय आपदा प्रबंधन एवं सहायता कार्य संभाल रहे गुलाब चंद कटारिया ने कल बताया कि राज्य सरकार ने बाढ़ग्रस्त ज़िलों बाड़मेर, पाली, सिरोही एवं जालोर में  तत्काल राहत कार्य शुरू कर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता पहुंचाने का काम किया है। गुलाबचंद कटारिया ने बताया कि प्रदेश में आई भीषण बाढ़ के कारण अब तक कुल 59 लोगों की मृत्यु हुई है। सरकार ने इनमें से 42 मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता पहुंचाई है। इसके लिए एक करोड़ 68 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सरकार की तरफ से प्रभावित लोगों तक पहुंचाई गई है।

कल बुधवार को शासन सचिवालय में आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए गृहमंत्री कटारिया ने बताया कि सरकार की तरफ से बाढ़ प्रभावित जिलों के लोगों को 10-10 लाख रुपए का रिवाल्विंग फंड भी दिया जा चुका है। बाढ़ के कारण अपने घर-बार से वंचित हुए लोगों को भी सरकार की तरफ से 3 हजार 800 रुपए की नकद सहायता दी जा रही है।

 मृतकों के आश्रितों, घायलों व प्रभावितों के साथ खड़ी है सरकार:

राजस्थान सरकार ने इस आपदा में प्रभावित हुए हर व्यक्ति को अपनी तरफ से सहायता पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकार इस आपदा में जान व माल की ज़रा सी भी हानि का भरपाई करने में लगी हुई है। अपनी कार्ययोजना के आधार पर सरकार ने हर प्रभावित व्यक्ति को राहत देने की ठानी है। इस बाढ़ में जान गवाने वाले व्यक्तियों के परिजनों को सरकार कुल 7 लाख रूपए की सहायता दे रही है। इसमें केंद्र सरकार के राहत कोष की मदद भी शामिल है। इसी तरह घायलों को राज्य सरकार 25 हज़ार रूपए और केंद्र सरकार 50 हज़ार रूपए की मदद दे रही है। बाढ़ के कारण जिन भी लोगों ने अपने घर-सामान गवाए हैं उन्हें भी सरकार मुआवज़ा राशि देकर सुशासन का परिचय दे रही है।

शुरू से ही पूरी मॉनेटरिंग रखी है सरकार ने:

सुराज का वायदा कर तीन साल पहले सत्ता में आई राजस्थान सरकार ने आपदा के समय में प्रदेशवासियों को हर तरह की मदद मुहैया करवाई। जिस दिन इन क्षेत्रों में बाद के हालात बने थे, सरकार तब से ही पूरी मॉनेटरिंग रखकर स्थिति संभालने में जुटी हुई थी। प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शुरू से ही वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बंधित अधिकारियों और मंत्रियों को दिशानिर्देश दे रही थी। खुद मुख्यमंत्री ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर वहां की स्थिति की जानकारी भी ली थी। इस तरह सफल कार्ययोजना बनाकर उसके अनुसार काम कर सरकार ने आपदा से प्रभावित हुए प्रदेशवासियों को पूरी तरह से राहत पहुंचाई है।

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