राजस्थान के दक्षिणी-पश्चिमी जिलों में आई भयंकर जल प्रलय के बाद मुख्यमंत्री राजे ने प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है साथ ही मुख्यमंत्री राजे ने भविष्य में इस प्रकार की दुखद त्रासदी से निपटने के लिए प्रशासन को स्थाई समाधान करने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री राजे ने लोगों की समस्याओं को देखते हुए सेना और आपात राहत प्रबंधन को जल्द से जल्द मूलभूत सुविधाओं को सुचारू करने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री राजे के प्रयासों से बाढ़ प्रभावी क्षेत्रों में हालात सुधरने लगे है और लोगों को राहत मिली है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मृतकों को मुख्यमंत्री राजे ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से 1-1 लाख रुपए की घोषणा की है। राजस्थान सरकार ने बाढ़ प्रभावित चार जिलों के कुल 1290 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। राजस्थान सरकार ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर बाढ़ प्रभावित चार जिलों के 1290 गांवों को अभावग्रस्त घोषित कर राजस्थान एफेक्टेड एरिया में शामिल किया है।

कलेक्टरों से ली रिपोर्ट, 1290 गांवों को मिलेगा स्पेशल ट्रिटमेंट

राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर बाढ़ प्रभावित जिलों के जिला कलक्टरों से प्राप्त खरीफ फसल-2017 में बाढ़ से फसल खराबा होने की रिपोर्ट मांगी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर चार जिलों के कुल 1हजार 290 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। अधिसूचना के अनुसार पाली जिले के 621, सिरोही के 348, जालौर के 260 तथा बाड़मेर जिले के 61 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है।

आपदा राहत प्रबंधन ने केंद्र से मांगे 1567 करोड़

राजस्थान के बाड़मेर, जालोर, सिरोही और पाली में आई बाढ़ के बाद आपदा प्रबंधन ने बेघर हुए लोगों, किसानों की खराब हुई फसलों, पेयजल, भोजन, कनेक्टिविटी जैसी आधारभूत सुविधाओं को सुचारू करने में जुटा है। आपदा प्रबंधन ने इन जिलों में हई अव्यवस्था को देखते हुए फिर से लोगों का जीवन पटरी पर लाने के लिए करीब 1567 करोड़ रुपए के बजट की मांग की है। आपदा प्रबंधन के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय लोगों को इस त्रासदी से बचाने के लिए, उन्हे पूनर्स्थापित करने के लिए, बाढ़ के कारण बहे बर्तनों, कपड़ों आदि के 3800 रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता दी जा रही है।

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