राजस्थान देश का सबसे समृद्ध राज्य हैं। वर्तमान में देश के अग्रणी राज्यों में राजस्थान भी एक हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हमेशा अपने प्रयासों से राजस्थान के हर वर्ग को विकास की राह पर अपने साथ लेकर चलती हैं। राजस्थान में क्षत्रिय समाज हमेशा से ही भाजपा की रीढ़ रहा हैं। क्षत्रिय समाज ने हमेशा से भाजपा को बिना किसी स्वार्थ के समर्थन दिया है। इसके बदले राजस्थान की यशस्वी मुख्यमंत्री जो स्वयं एक राजपूत हैं तथा राजपरिवार से गहरा संबंध रखती हैं ने प्रदेश के राजपूत समाज का विकास और उन्हे पुन: राजस्वी दर्जा देने के लिए बहुत कुछ किया हैं। अत: मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजपूत और राजपूत समाज के अन्य जातियों को एक बार फिर सें मान-सम्मान का जीवन देने का कार्य किया हैं।

राजपूत समुदाय का कुछ अंश करता हैं भाजपा सरकार का विरोध

राजस्थान में राजपूत समुदाय का कुछ अंश मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से असंतुष्ट हैं जिससे वे राजस्थान सरकार पर दोषारोपण एवं विरोधी गतिविधियां करते हैं। राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजपूत समुदाय का पूरा साथ दिया हैं। प्रदेश के राजपूतों के साथ मुख्यमंत्री राजे ने बिना भेदभाव के कार्य किया हैं। ऐसे में राजपूत समाज ने मुख्यमंत्री राजे के साथ मिलकर प्रदेश की तरक्की में अहम भूमिका निभाई हैं। आज राजस्थान सरकार में समाज के कई मंत्री हैं जो राजपूत हैं एवं राजपूत समाज के लिए अपना विशेष योगदान देते रहते हैं।

राजस्थान सरकार में हैं राजपूत समाज का वर्चस्व

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में राजस्थान सरकार में राजपूत समाज के कई मंत्री हैं जिनमें पहले चिकित्सा मंत्री एवं वर्तमान में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री राजेंद्र राठौर हैं इसके अलावा राजस्थान में 28 विधायक राजपूत समाज के हैं और तीन सांसद हैं जो की राजपूत समाज को नेतृत्व प्रदान करते हैं। जोधपूर से गजेंद्र सिंह और जयपुर ग्रामीण से राज्यवर्धन सिंह राठौर ने राजस्थान के राजपूत समाज को मजबूत आधार प्रदान किया हैं।

राजस्थान सरकार ने राजपूत इतिहास को किया पुनर्जीवित

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान में राजपूत समाज को व्यापक सहयोग दिया हैं। आज मेवाड़ क्षेत्र में राजपूत समाज पहले की तुलना में कही अधिक मजबूत हुआ हैं। मेवाड़ में राजपूती गौरव महाराणा प्रताप को एक नया सम्मान दिया हैं। मुख्यमंत्री राजे ने महाराणा प्रताप गौरव केंद्र खोलकर राजस्थान के राजपूत समाज का मस्तक ऊंचा किया हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने महाराजा सूरजमल के सम्मान में जगह जगह पर पैनोरमा स्थापित किये हैं। राजधानी जयपुर के अमर जवान ज्योति में राजपूतों का इतिहास बताया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री राजे ने राजपूत समाज के इतिहास और गौरव रहे स्मारक, किले, महल, गढ़, हवेलियों को पुनर्जीवित करने का अनूठा कार्य किया हैं। कुंभलगढ़ के किले का पुनर्द्वार इसी का नतीजा हैं।

राजपूतों की प्रतिष्ठा लोटाने का कार्य किया मुख्यमंत्री राजे ने

राजस्थान का राजपूत समाज हमेशा भाजपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता हैं। राजपूतों ने हमेशा भगवा ध्वजा को धारण किया हैं। भाजपा ने भगवा थाम कर देश- प्रदेश के राजपूतों को थामने का महान कार्य कियाहैं। एक समय राजपूत समाज अपनी प्रतिष्ठा खो चुका था लेकिन देश में भापजा सरकार और राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एक  बार फिर से राजपूतों की खोई हुई प्रतिष्ठा को लाने का प्रयास किया हैं। मुख्यमंत्री राजे ने हर क्षण प्रदेश के राजपूत समाज के हितों को ध्यान में रखकर कार्य किया हैं।

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