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आज बुधवार को राहुल गांधी राजस्थान के आदिवासी बहुल ज़िलें बांसवाड़ा में कांग्रेस की किसान रैली को सम्बोधित करने आये। प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने बहुत पहले से ही राहुल गांधी की इस किसान रैली की तैयारी कर रखी थी। लेकिन बांसवाड़ा में कांग्रेस के प्रति जनता के रूखे रवैये से कांग्रेस का पूरा कार्यक्रम बेअसर रहा। किसान आक्रोशित रैली का नाम कर राजस्थान आये राहुल गाँधी ने जब लोगों को सम्बोधित करने के लिए मंच संभाला तो उनके भाषण को सुनने वालों की कमी देखकर राहुल धर्मसंकट में पड़ गए। जैसे-तैसे राहुल ने मुश्किल से 8 – 10 मिनट का भाषण दिया। बांसवाड़ा में राहुल गांधी के इस फ्लॉप शो को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस से किस कदर मायूस है। कांग्रेस की पिछली सरकार द्वारा किसानों के किये गए शोषण को जनता अभी तक भुला नहीं पायी है।

किसान रैली के लिए तैयार किये गए मंच को बना दिया रंगीला कार्यक्रम:

कांग्रेस ने किसान रैली के लिए कराये गए अपने इस कार्यक्रम की शुरुआत ही किसानों के साथ एक भद्दे मज़ाक से की। किसान रैली की शुरुआत से पहले कांग्रेस ने अपने नेताओं का मन बहलाने के लिए यहाँ नाच-गाना प्रस्तुत कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट समेत राजस्थान के सभी कांग्रेसी नेताओं ने राहुल गांधी की झूठी शान के लिए आदिवासी महिलाओं और पुरुषों का नचा दिया। इस तरह किसानों के दुःख-दर्द की बात करने वाले कांग्रेसियों की पोल पट्टी इनकी रैली शुरू होने से पहले ही जनता के सामने खुल गयी।

एक बार फिर गहलोत को धकेल, पायलट को आगे किया:

बांसवाड़ा में अपनी बेअसर रैली को सम्बोधित करते हुए राहुल गांधी ने कई बार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत को सचिन पायलट के सामने छोटा करार दिया। राहुल ने अपने भाषण में पायलट को राजस्थान की ज़िम्मेदारी सौंपने जैसी बात कही। बात-बात पर राहुल गांधी ने दर्शाया कि गहलोत महज़ वरिष्ठ सलाहकार की तरह है। इस तरह कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के आगामी चुनावों से अशोक गहलोत के दूरी बना लेने की ओर इशारा कर दिया।

भाषण के बीच में खुद ही अपनी बेइज़्ज़ती करवाई:

राहुल गाँधी ने जब बोलने के लिए माइक हाथ में लिया तो लोगों को यह अहसास तो हो चुका था कि बकवास होने वाली है। लेकिन फिर भी कुछ लोगों ने राहुल को सुनने की ज़हमत उठाई। अपने ख़रखराते भाषाण के बीच में दो बार राहुल गांधी ने अपनी पोल खुद ही खोल ली। भाषण के बीच में राहुल ने बताया कि इस भाषण को सुनने के लिए मध्यप्रदेश से भी लोग बुलवाये गए है। इस तरह राहुल ने दर्शा दिया कि कांग्रेस ने इस रैली को सफल बनाने के लिए बाहर से भीड़ जुटाई है। बावजूद इसके राहुल अपने भाषण से उस भीड़ में आक्रोश नहीं भर सके।

दूसरी बार राहुल ने अपने भाषण में लोगों से पूँछा कि किसानों को फायदा नहीं हुआ, तो किसको फायदा हुआ? राहुल के इस सवाल के जवाब में लोग चिल्लाकर बोल पड़े ”वाड्रा को”। गौरतलब है कि यहाँ लोगों ने रॉबर्ट वाड्रा का नाम लिया, जो कि राहुल गांधी की बहन प्रियंका वाड्रा के पति है। यह सभी जानते है कि रॉबर्ट वाड्रा ने यूपीए के शासनकाल में अपने मुनाफे के लिए गहलोत सरकार के साथ मिलकर राजस्थान के किसानों की ज़मीन हथियाई थी, किसानों के मन में आज भी वह घाव ताज़ा है।

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