देश में चुनावी माहौग एक बार फिर से गर्मा गया हैं। युपी चुनाव अपने आप में देश का चुनाव हैं और इस चुनाव में कांग्रेस ने अपनी हार स्वीकार कर ली हैं। हालांकि कांग्रेस ने अखिलेश यानी टीपू की समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन तो कर लिया हैं लेकिन फिर भी युपी जीत का रास्ता बेहद मुश्किल हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर से अपना भरोसा उठा लिया हैं और अब सारी उम्मीद प्रियंका दीदी पर बढ़ा दी हैं। कांग्रेस को पप्पु और टीपू से शायद बिल्कुल भी उम्मीदे नही हैं ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर से प्रियंका से गुहार लगाई हैं कि प्रियंका दीदी आओं और युपी बचाओं।

सपा-कांग्रेस गठबंधन के पीछे प्रियंका का दिमाग

जी हां, यूपी कांग्रेस की ओर से बयान आया है कि पार्टी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि प्रियंका गांधी वाड्रा अब राजनीति में अहम और सक्रिय भूमिका अदा करें। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ हुए गठबंधन में प्रियंका की भूमिका को स्वीकार करते हुए प्रियंका से इस बात की इल्तजा की है। सपा-कांग्रेस गठबंधन के पीछे प्रियंका गांधी का दिमाग

पप्पू के पास 105 सीटें और टीपू के पास 298 सीटें

गौरतलब है कि इस बार के यूपी चुनाव में सपा और कांग्रेस गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेगी, कांग्रेस 105 सीटों पर, जबकि सपा 298 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली है। इस गठबंधन के पीछे प्रियंका गांधी की कोशिश और दिमाग बताया जा रहा है।

प्रियंका बने सक्रिय राजनीति का हिस्सा

कांग्रेस प्रवक्ता की ओर से कहा गया है कि प्रियंका गांधी अपनी मर्जी से दो लोकसभा सीटों- अमेठी व रायबरेली में सक्रिय हैं और हम उनकी निजता का आदर करते हैं और जहां तक उत्तर प्रदेश चुनाव की बात है, तो राहुल गांधी ने गुलाम नबी आजाद और प्रियंका गांधी से समान विचारधारा की पार्टी से गठबंधन के बारे में राय ली थी। सांप्रदायिक ताकतों से निपटने के लिए ये गठबंधन बहुत जरूरी थी। इस गठबंधन में अहम रोल निभाने वाली प्रियंका गांधी से हम उम्मीद करते हैं कि वो जल्द ही सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनेगी।

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