Prime Minister Ujjwala scheme

एक गहरा अंधेरा कमरा धुएं से भरा हुआ। एक कोने में लकड़ी के बुरादे का डेर लगा है। उसके पास में एक महिला जो अंदर एक चुल्हे पर फूंक मार रही है और खांस रही है। कुछ सालों में यह नजारा गांवों के अधिकतर घरों और करीब—करीब हर गरीब के रसोई का हाल बयां करता था। हमारे देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदीजी ने यह दुर्दशा काफी करीब से देखी और उन गरीब माताओं—बहनों का दर्द समझा। Prime Minister Ujjwala scheme

इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा 1 मई 2016 को भारत के गरीब परिवारों की महिलाओं के चेहरों पर खुशी लाने के उद्देश्य से एक कल्याणकारी योजना की शुरूआत की गई जिसने गरीब परिवार की रसोई न की केवल दशा सुधारी, अपितु उनका जीवन स्तर भी सुधरा। इस योजना का नाम है प्रधानमंत्री उज्जवला योजना। गरीब परिवार की महिला सदस्यों को मुफ्त रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन मुहैया कराने के लिए मंत्रिमंडल ने 8 हजार करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। योजना में सिलेंडर का सिक्योरिटी डिपॉजिट, प्रेशर रेग्यूलेटर, डीजीसीसी, सुरक्षा होज और इंस्टालेशन व प्रबंधन चार्ज भी कवर किया गया है।

क्या है प्रधानमंत्री उज्जवला योजना  Prime Minister Ujjwala scheme

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना खास तौर पर गरीब परिवारों के लिए चलाई गई एक महत्वकांशी योजना है। इस योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। इससे महिलाओं को धुएं से आजादी मिलेगी। 2011 की जनगणना के आधार पर योजना के अभ्यार्थियों की पहचान की जा रही है। इस योजना के आने के बाद दो सालों में एलपीजी धारकों की संख्या में आशातीत वृद्धि देखी गई है। Prime Minister Ujjwala scheme

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उज्जवला योजना के उद्देश्य Prime Minister Ujjwala scheme

इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आने वाले जीवाश्म ईंधन की जगह एलपीजी के उपयोग को बढ़ावा देना है। योजना का एक मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उनकी सेहत की सुरक्षा करना भी है। इस योजना के तहत अभी तक देशभर में 3.6 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके हैं जबकि यह लक्ष्य 8 करोड़ निर्धारित किया गया है। एलपीजी इस्तेमाल करने में देश का विश्व में दूसरा स्थान है।

बात करें राजस्थान की तो यहां राजस्थान में लाभार्थियों की संख्या 88 लाख करने का लक्ष्य बनाया है। प्रदेश में अभी तक लगभग 25 लाख 5 हजार 782 उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। प्रदेश के करीब 599 से अधिक गांवों को पूरी तरह से स्मोक-फ्री घोषित किया जा चुका है।

उज्जवला योजना के आवेदन दस्तावेज

बीपीएल (गरीबी रेखा) कार्ड

बैंक खाता

आधार कार्ड

राशन कार्ड/भामाशाह कार्ड

एक फोटो आईडी

टेलीफोन, बिजली या पानी का बिल

एक पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन कैसे करें

इच्छुक उम्मीदवार जो इस योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन चाहते हैं उन्हें योजना का आवेदन पत्र भरकर अपने नजदीकी एलपीजी वितरण केंद्र में जमा कराना होगा। आवेदन पत्र में आवेदक का नाम, पता, आधार नंबर तथा जन धन/बैंक खाता नंबर भरकर वितरण केंद्र पर जमा करवाना होगा। आवेदन करते समय यह भी बताना होगा कि अभ्यार्थी को 14.2 किलो वाला गैस सिलेंडर चाहिए या फिर 5 किलो वाला। Prime Minister Ujjwala scheme

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