rajasthan-flood

राजस्थान में इस बार मानसून की अच्छी बरसात हुई है। इस बरसात से प्रदेश भर के किसानों के चेहरों पर एक मुस्कुराती हुई चमक है। हालांकि राजस्थान में अच्छी बारिश से कई क्षेत्रों में पानी भर गया है और बाढ़ की स्थिती बन गई है लेकिन प्रदेश के सभी क्षेत्रों की स्थिती राज्य सरकार के नियंत्रण में है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राजस्थान सरकार के मंत्री हर क्षेत्र का जायजा ले रहे है और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को यथासंभव राहत पहुंचाने का कार्य व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। राजस्थान के जालौर, बाड़मेर, सिरोही और पाली में अतिवृष्टी से हालात खराब है लेकिन हालात पूरे काबू में है।

राजस्थान में बाढ़ के हालात नियंत्रण में

कुछ लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को गुजरात के बनासकांठा सहित कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावितों को 500 करोड़ का आर्थिक राहत भी दी है लेकिन राजस्थान को प्रधानमंत्री मोदी भारत का हिस्सा नही मानते इसलिए राजस्थान में आई बाढ़ मोदी को दिखाई नही दी। राजस्थान भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस प्रकार की भ्रांतियां फैलाने वालों यह समझ नही आता कि अगर वो भारतीय है और राजस्थान की स्थिती खराब दिखाई दे रही है तो सामने आए और इन स्थितियों से निपटने में सरकार की सहायता करे।

500 करोड़ को लेकर लोगों ने शुरू कर दी राजनीति

बनासकांठा को प्रधानमंत्री मोदी ने 500 करोड़ की आर्थिक सहायता दी है तो क्या इस बात से राजस्थान वासियों के लिए प्रतियोगिताएं शुरू कर देनी चाहिए। जिन लोगों को यह पता नही है कि बनासकांठा के हालात क्यों खराब है तो वे यह जान ले कि राजस्थान की कई नदियों का पानी गुजरात के बनासकांठा में ही गिरता है जिससे वहां की स्थितियां ओर अधिक भयावह हो जाती है। राजस्थान में बाढ़ की स्थिती को राज्य सरकार ने नियंत्रण में कर दिया है और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ आपदा राहत मंत्री गुलाबचंद कटारिया हर समय हालात का जायजा ले रहे है। अतिवृष्टी प्रभावित लोगों तक तुरंत राहत एवं मदद पहुंचाना राज्य सरकार ने शुरू कर दिया है मुख्यमंत्री राजे ने कहा है कि सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है लोगों तक राहत पहुंचाना जिमसे सरकार और प्रशासन लगा हुआ है। राजस्थान के लोगों को किसी आर्थिक सहायता की बाहर से आवश्यकता नही है ।

केंद्र सरकार आवश्यकता पर करती आई है सहायता

मुख्यमंत्री राजे ने अधिकारियों को बाढ़ से पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के यथाशीघ्र निर्देश दिए ह । उन्होने निर्देश दिए है कि राहत बचाव में किसी प्रकार की कोई लापरवाही नही बरती जाए और सूचना मिलने पर राहत के लिए तुरंत कार्रवाही हो। मुख्यमंत्री राजे ने सिरोही, जालोर और पाली सहित पूरे राजस्थान पर अतिवृष्टी के प्रभाव की रिपोर्ट मांगी है। उन्होने कहा कि जिला प्रशासन, नेशनल डिजास्टर रेस्पोंस फोर्स (एनडीआरएफ) एवं राज्य डिजास्टर रिसपोंस फोर्स (एसडीआरएफ) के साथ मिलकर समन्वित प्रयास करे ताकि भारी बारिश से उत्पन्न होने वाले हालात में जान-माल का नुकसान रोका जा सके। अब इसमे कोई भेदभाव बताएं तो सही। राजस्थान वासियों के लिए राजस्थान सरकार की जिम्मेदारी कहीं अधिक बनती है और केंद्र सरकार भी आवश्यकता पड़ने पर राज्य के लोगों की सहायता के लिए आगे रहती है। केंद्र सरकार ने प्रदेश की कई योजनाओं के लिए राजस्थान को फंड दिया है क्या वह भेदभाव है। ऐसा नही होता कि किसी समस्या पर सरकार का ध्यान नही है जबकि सरकार के पास प्रदेशों के हालातों की अधिक जानकारी होती है और हरसंभव मदद भी की जाती है। लेकिन इस सबको अगर समाजविरोध और उकसाने के हिसाब से फैलाया जाए तो यह हमारा ही नुकसान होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here