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हाल ही के दिनों में जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं पर हुए आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने राजनीति करनी शुरू कर दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस आतंकी हमले को अपनी राजनीति की बिसात समझ इस पर मोहरे चलने शुरू कर दिए है। एक तरफ जहाँ केंद्र और जम्मू कश्मीर की राज्य सरकार श्रद्धालुओं में हौंसला बड़ा रहे हैं, तो वहीँ दूसरी तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में समूची कांग्रेस राजनैतिक नैतिकता की हदों को गिराने में लगी हैं। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने इस हमलें के तुरंत बाद ही अमरनाथ श्रद्धालुओं को विश्वास दिलाते हुए कहा था कि ”मेरी संवेदनाएं हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ हैं। घायलों के लिए प्रार्थना करते हुए मोदी ने देशवासियों से कहा था कि भारत इस तरह के कायराना हमलों के आगे कभी नहीं झुकेगा। इन आतंकियों को मुहतोड़ जवाब दिया जायेगा।

सरकार जुटी पीड़ितों की सहायता के लिए, लेकिन विपक्षी ढूंढ रहे खामियां:

बीते सोमवार कश्मीर के अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में 7 यात्रियों की मौत हो गई। केंद्र सरकार के सभी मंत्री और स्वयं प्रधानमन्त्री इस हमले पर आतंकवादियों की निंदा करते हुए आतंकी हमलावरों के खिलाफ कार्यवाही कर रहे है। हमले में घायल हुए श्रद्धालुओं तथा मृतकों के परिवारजनों से बात कर सरकार ने उन्हें हरसंभव मदद देने का एलान किया है। प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। सरकार सिक्युरिटी में हुई चूक व खामियों की जांच कर रही है। ऐसे समय में भी कांग्रेस देशवासियों के दुश्मन की तरह बर्ताव कर रही है। जहाँ सरकार इस हमले में शामिल आतंकियों पर कड़ी कार्यवाही कर आतंकी संगठनों पर दबाव डाल रही है, वहीँ कांग्रेस के नेता शायद अपनी देशभक्ति भुलाकर पार्टी भक्ति करने में लगे है। इसके लिए राजनीति कर सरकार पर बेवज़ह दोष डाल रहे है।

इटली से छुट्टी मनाकर लौटे राहुल के मन में नहीं अमरनाथ यात्रियों के लिए संवेदना:

आतंकी हमले पर एक ओर जहाँ हमारी सरकार आतंकवादियों पर जवाबी कार्यवाही करने की नीतियां तैयार कर रही है, वहीँ इटली अपनी नानी के से छुट्टियां मनाकर लौटे, राहुल गाँधी सरकार की निंदा करने में व्यस्त चल रहे है। छुट्टी से लौटने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी की तो आलोचना की मगर न पीड़ित श्रद्धालुओं के लिए संवेदना जताई और न ही आतंकियों पर कुछ बोलें।

मोदी के ख़िलाफ़ पाकिस्तान से मदद मांग कांग्रेस ने दिखाई नीचता:

गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर तो इन दिनों हमारे पड़ौसी देश पाकिस्तान के एक चैनल की डिस्कशन में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने नरेंद्र मोदी को प्रधानमन्त्री पद से हटाने और कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए पाकिस्तान की मदद  मांगकर हमारी जगहंसाई कराई है।

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