2016 में देश, विदेश, राजनीति और खेल समेत कई क्षेत्रों में लोगों ने ऐसे कारनामे किए जिससे वो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए। आज हम आपको ऐसे ही लोगों के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने 2016 में  अपनी छाप छोड़ी। देखिए कौन थे वो लोग, क्यों रहे चर्चा में और क्या रहा समाज पर उनका प्रभाव।

  1. बॉब डिलन

13 अक्टूबर को नोबेल पुरस्कार समिति ने डिलन को नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की। समिति का कहना था कि डिलन ने ‘गीतों की अमरीकी परंपरा में नए काव्य भावों की संरचना की है।’ लेकिन डिलन की तरफ से पुरस्कार स्वीकार करने की पुष्टि नहीं किए जाने के चलते मामले ने तूल पकड़ लिया। हालांकि उन्होंने बाद में कहा कि नोबेल पुरस्कार के लिए वो समिति के आभारी हैं।

2. थेरेसा मे

थेरेसा मे ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 13 जुलाई को पदभार संभाला। वो मार्गारेट थेचर के बाद ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने ऐसे समय में प्रधानमंत्री का पदभार संभाला जब ब्रिटेन ने जनमत संग्रह में यूरोपियन यूनियन से निकलने के हक में वोट दिया था।

3. कन्हैया कुमार

मोहम्मद अफजल गुरु को 2013 में फांसी दिए जाने के फैसले के विरोध में जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय में एक फरवरी को एक रैली आयोजित की गई थी। आरोप लगाया गया कि इसी रैली के दौरान जेनएयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन पर राष्ट्रद्रोह का मामला चलाया।

4. करुण नायर

करुण नायर ने इसी साल इंग्लैंड के खिलाफ अपना डेब्यु किया। मजेदार यह रहा कि वो अपने पहले शतक को तिहरे शतक में बदलने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गए और नाबाद 303 रन बनाए। करुण नायर ने अपने तिहरे शतक के बदौलत क्रिकेट की दुनिया में एक अलग जगह बना ली।

5. साक्षी मलिक

साक्षी ने रियो ओलंपिक में भारत के लिए कुश्ती के 58 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीता। कुश्ती में पदक जीतने वाली वो पहली महिला थीं और भारत की तरफ से चौथी। साक्षी 2014 में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत और 2015 में दोहा में एशियन रेस्लिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।

6. दीपा करमाकर

दीपा ने भारत की तरफ से जिमनास्टिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वो भारत की तरफ से इस श्रेणी में हिस्सा लेनी वाली पहली महिला एथलीट हैं। वो रियो में चौथे स्थान पर रहीं थीं।  दीपा ने अभी तक के सबसे मुश्किल और खतरनाक माने जाने वाले प्रोडूनोवा वॉल्ट पर महारथ हासिल कर रखा है।

7. हर्षवर्धन कपूर

बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर और सुनीता कपूर के बेटे हर्षवर्धन ने राकेश ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मिर्जया’ से डेब्यु किया। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी लेकिन हर्षवर्धन को लोगों ने पसंद किया।  फिल्म बॉम्बे वेलवेट में हर्षवर्धन ने निर्देशक अनुराग कश्यप को असिस्ट भी किया था।

8. साइरस मिस्त्री

साइरस मिस्त्री को 2012 में समूह के अध्यक्ष पद के लिए चुना गया लेकिन चार साल बाद टाटा संस के बोर्ड के सदस्यों ने उन्हें निकालने के मत में वोट कर उन्हें कंपनी से निकाल दिया। टाटा समूह में अपने पिता पल्लौनजी मिस्त्री के रिटायर होने के बाद साइरस 1 सितंबर 2006 को टाटा समूह से जुड़े थे।

9. अनुप्रिया पटेल

5 जुलाई को उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में बतौर राज्य मंत्री शपथ ली। 35 वर्ष की अनुप्रिया मोदी केबिनेट में सबसे युवा मंत्री हैं। अनुप्रिया के पिता सोने लाल पटेल का निधन 2009 अक्टूबर में हुआ। उस वक्त वो पार्टी की महासचिव थीं। बाद में पार्टी ने उन्हें अध्यक्ष बना दिया। 2014 में उन्होंने भाजपा के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा।

10. अनिल बोकिल

पुणे के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अनिल बोकिल ने नोटबंदी का सुझाव प्रधानमंत्री को दिया था। हालांकि उन्होंने बाद में कहा कि उन्होंने मोदी को भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए ‘अर्थ क्रांति’ नाम से कई सुझाव दिए थे जिसमें से कई लागू नहीं किए गए और इसी वजह से लोगों को मुश्किलें आ रही हैं।

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