padmavati controversy

फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली की निर्देशित फिल्म पद्यावती की​ रिलीज को लेकर उठा विवाद खत्म ही नहीं हो रहा है। फिल्म में महारानी पद्यावती और मुस्लिम शासक अलाउद्दीन खिलजी के बीच दिखाया गया प्रेम प्रसंग राजपूतों को नागवार होता दिख रहा है। इसी के चलते राजपूत समुदाय एकजुट होकर फिल्म के विवाद और रिलीज टालने में लग गया है। न्यायालय के फिल्म की रिलीज को टालने की बात को खारिज करने के बाद अब कमान करणी सेना ने संभाल ली है। करणी सेना ने सीधे शब्दों में फिल्म पद्यावती को रिलीज न किए जाने की बात कही है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो 30 नवंबर को राजस्थान बंद और एक दिसम्बर को भारत बंद करने का आव्हान किया गया है। यहां तक की सिनेमाघरों को आग के हवाले करने का भी एलान किया है। पद्यावती फिल्म कथित तौर पर 1 दिसम्बर को रिलीज होने जा रही है। फिल्म पद्यावती में दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर ने अभिनय किया है। padmavati controversy

राजपूत समाज और करणी सेना के मुताबिक भंसाली की पद्यावती में इतिहास के तथ्यों को तोड़—मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। एक प्रेस कांफ्रेंस में करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र कालवी ने कहा है कि यदि यह रिलीज होती है तो देशव्यापी बंद किया जाएगा और जगह-जगह प्रदर्शन किए जाएंगे। करणी सेना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फिल्म पद्मावती में इतिहास को कथित रूप से तोड़ मरोड़कर पेश करने के प्रकरण में हस्तक्षेप करने की मांग भी की है।  padmavati controversy

करणी सेना काटेगी दीपिका पादुकोण की नाक 

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अब करणी सेना के निशाने पर फिल्म में महारानी पद्यावती का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण भी आ गईं हैं। करणी सेना के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष महिपाल मकराना ने अपने एक बयान में दीपिका को धमकाते हुए कहा है कि जिस तरह लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काटी थी, करणी सैनिक भी उसी तरह नाक काट सकते हैं। यह बात दीपिका पादुकोण के उस बयान पर दी गई है जिसमें दीपिका ने कहा था कि कोई भी चीज इस फिल्म के प्रसारण पर रोक नहीं लगा सकती। दीपिका ने यह भी कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री का सपोर्ट बताता है कि ‘यह सिर्फ पद्मावती की बात नहीं है। हम इससे कहीं बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं।’

अन्य संगठनों ने भी किया विरोध, सेंसर बोर्ड को लिखी चिट्ठी

ऐसा नहीं है कि केवल राजपूत समाज और करणी सेना ही भंसाली व उनकी पद्यावती के पीछे पड़े हैं। अन्य संगठन भी इस फिल्म और रिलीज का पूरजोर विरोध कर रहे हैं। राज्य महिला आयोग ने सेंसर बोर्ड  को चिट्‌ठी लिखते हुए संबंधित पक्षों से बातचीत कर आपसी सहमति के बाद ही फिल्म को रिलीज करने की मांग की है। वहीं हिंदू जागृति समिति ने सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर फिल्म को सर्टिफिकेट न देने की मांग की है। यह पत्र में लोगों द्वारा विरोध से हुए नुकसान की जिम्मेदारी सेंसर बोर्ड की होने की बात भी कही है।  padmavati controversy

बीजेपी नेता देवीसिंह भाटी ने खोला मोर्चा  padmavati controversy

फिल्म पद्यावती के विरोध में अब पूर्व मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता देवीसिंह भाटी भी उतर आए हैं। उन्होंने इस फिल्म को भारतीय महिलाओं के सम्मान और संस्कृति के खिलाफ एक घिनोनी हरकत बताया है। साथ ही फिल्म का रोल बेक नहीं होने पर ‘बड़ी आग’ लगने की चेतावनी दी है। भाटी के अनुसार, यह फिल्म ना केवल राजपूत समाज बल्कि भारतीय संस्कृति को भी दूषित करती हुई नजर आ रही है। ऐसे में इस फिल्म को रिलीज न किया जाने की बात भी कही है।

शादी के कार्ड पर ​पद्यावती फिल्म बहिष्कार के स्लोगन

जहां सारे देश में इस फिल्म् का विरोध हो रहा है। उदयपुर में अलग ही तरह का विरोध देखने को मिला है। यहां सुरेन्द्र सिंह पंवार नामक एक व्यक्ति ने अपने शादी के कार्ड में ‘पद्मावती’ के सम्मान और फिल्म के बहिष्कार के स्लोगन लिखवाए हैं, जिनकी उदयपुर में खूब चर्चा हो रही है। सुरेन्द्र की शादी 23 नवंबर को होनी है। निमंत्रण पत्र पर लिखे गए स्लोगन अब उनके दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच आकर्षण का केन्द्र बन रहे हैं।

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