Chief Minister Vasundhara Raje

बुधवार को राजस्थान सरकार ने एक अधिसूचना जारी करके यह आरक्षण दिया
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे फिर से अपनी संवेदनशीलता और भेद भाव न करते हुए समागम कल्याण की सोच की मिसाल दी है। राजे सरकार ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी करके भरतपुर और धौलपुर के जाटों को तुरंत प्रभाव से अन्य पिछड़ा वर्ग में आरक्षण दे दिया। इन दोनों क्षेत्रों के जाट समुदायों को अब तक आरक्षण नहीं मिल रहा था जबकि राज्य के अन्य हिस्सों के जाट समुदायों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है।


इन दो ज़िलों के जाटों को अब तक धौलपुर और भरतपुर में आज़ादी से पहले जाटों की हुकूमत की वजह से ही आरक्षण नहीं मिला था, जबकि राजस्थान में जाटों को आरक्षण 1999 में ही मिल गया था। मुख्यमंत्री राजे ने बड़ा फैसला लेते हुए दोनों जिलों के जाटों को फिर से ओबीसी कैटेगरी में रख दिया। राजस्थान के दो पूर्व जाट राजघराने भी अब ओबीसी में शामिल हो गए हैं। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और भरतपुर के पूर्व महाराजा विश्वेंद्र सिंह का परिवार भी अब अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल हो गया है. धौलपुर और भरतपुर के जाटों को राजस्थान सरकार ने ओबीसी में शामिल किया है। इसके साथ ही पूर्व जाट शासकों को भी इसका फायदा मिलेगा।

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कल ही ओबीसी आरक्षण के लिए क्रीमीलेयर की आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रु. सालाना कर दिया गया है। दूसरा, ओबीसी की सेंट्रल लिस्ट में जातियों का कोटा तय करने की मंजूरी भी दे दी गई है।

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