19 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी के कानपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए साफ कर दिया कि नोटबंदी पर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने जो दबाव बनाया है, उसका उन पर कोई असर नहीं है। भले ही विपक्ष नोटबंदी में 100 लोगों की मौत के लिए मोदी को जिम्मेदार ठहरा रहा हो और इस मुद्दे पर संसद को भी ठप रखा गया। विपक्ष के सभी दबावों को हटाते हुए कानपुर की सभा में मोदी ने साफ कहा कि 30 दिसंबर तक भी परेशानियां खत्म होने वाली नहीं हैं बल्कि 30 दिसंबर से परेशानियां कम होना शुरु हो जाएगी। बैंकों से जुड़ी आम लोगों की यह परेशानियां कब खत्म होंगी, इसके बारे में मोदी ने कुछ भी नहीं कहा। मोदी ने कहा कि पहले विपक्ष ने कहा कि देशवासियों के बैंक में खाते ही नहीं है, लेकिन अब कहते हैं कि मोदी ने आम व्यक्ति को बैंक और एटीएम की लाइन में लगा दिया। अरे भाई जब खाते ही नहीं है तो फिर कौन लोग लाइन में लगे हुए हैं? कांग्रेस के नेता यह ढिंढोरा पीटते हैं कि कम्प्यूटर और मोबाइल तकनीक की देन राजीव गांधी की है और जब में मोबाइल से ई-पेमेन्ट की बात कहता हूं तो वे कहते हैं कि लोगों के पास मोबाइल तकनीक नहीं है। कांग्रेस को यह तय करना चाहिए कि आखिर वह क्या कहना चाहती है। असल में नोटबंदी पर कांग्रेस झूठ बोल रही है। 25 दिसंबर को देशवासियों को क्रिसमिस का उपहार मिलने जा रहा है, जो लोग 8 नवंबर से ई-पेमेन्ट कर रहे हैं, उनके लिए 25 दिसंबर को लक्की ड्रा खोला जाएगा। इस ड्रा के माध्यम से 15 हजार ग्राहकों के खाते में एक-एक हजार रुपए की राशि जमा होगी। यह ड्रा आगामी 100 दिनों तक प्रतिदिन खोला जाएगा। यानि 15 हजार ग्राहकों को प्रतिदिन एक-एक हजार रुपए मिलेंगे। यानि 15 लाख रुपए वितरित होंगे। बाबा साहब अम्बेडकर के जन्मदिन पर 14 अप्रैल को बम्पर ड्रा खोला जाएगा। ई पेमेन्ट करने वाले ग्राहकों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों के लिए भी अनेक योजना चलाई गई हैं। मोदी ने दावा किया कि 500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने से देश में काला धन बाहर आएगा और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। देश का आम नागरिक परेशानी के बावजूद उनके फैसले का समर्थन कर रहा है जबकि विपक्षी नेता अपने स्वार्थों की वजह से विरोध कर रहे हैं।

(एस.पी.मित्तल)

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