mosquito

अब तक आप कितने भी जतन कर लेते होंगे लेकिन फिर भी मच्छर फिर भी आपको काट लेते होंगे। लेकिन अब आपको मच्छर नही काटेंगे। जीहां, सही सुना, अब आपको मच्छर नही कांटेंगे। डेंगू,मलेरिया, चिनकगुनिया जैसी भयानक बीमारियां फैलाने वाले मच्छरों की अब शामत नही। हाल ही में एक खोज में पाया गया है कि एक खाल वेवलेंथ की रोशनी में मच्छरों के उड़ने और उनके काटने में कमी आ सकती है।

वैज्ञानिकों ने ईजाद किया नया तरीका

अमरीकी वैज्ञानिकों ने मच्छरों को भगाने के लिए नए तरीके को ईजाद किया है। पैरासाइट्स एंड वेक्टर नामक एक पत्रिका में छपी खबर के मुताबिक एक खास किस्म की वेवलेंथ की रोशनी से मच्छरों के काटने और उड़ने में कमी लाई जा सकती है। पैरासाइट्स एंड वेक्टर जर्नल में छपे अध्ययन के मुताबिक, रात में 10 मिनट लाइट में रहने से मलेरिया फैलाने वाले एनाफिलीज़ मच्छर के काटने और उनके उड़ने की क्षमता घट सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 21.2 करोड़ लोग मलेरिया से पीड़ित हैं और हर साल करीब 4.29 लाख लोग इसके कारण मर जाते हैं।

एक खास रोशनी से भाग जाएंगे मच्छर

अमरीका स्थित नॉट्रेडम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ग्रिल्स डफिल्ड के निर्देशन में मच्छरों पर यह शोध किया गया है। जानकारी के अनुसार रोशनी पर किए गए प्रयोग के प्राथमिक परिणामों के अनुसार इस वेवलेंथ की रोशनी की मदद से मच्छरों को मानव शरीर से दूर रखा जा सकता है। इस प्रयोग के लिए डफिल्ड ने मच्छरों के सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाले वक्त को चुना।

12 घंटों तक करीब नही आएंगे मच्छर

प्रोफेसर ग्रिल्स डफिल्ड के अनुसार एक खास किस्म की वेवलेंथ की रोशनी से मच्छर मनुष्य शरीर के पास नही आते है। इस रोशनी से मच्छर इधर-उधर भागने लगते है और उड़ नही पाते। वेवलेंथ का मच्छरों पर करीब 12 घंटों तक असर रहता है। प्रोफेसर डफिल्ड की टीम ने मच्छरों पर पहले लाल रंग की रोशनी का प्रयोग किया और इसके बाद अब टीम सफेद रंग की रोशनी पर अध्यन कर रही है।

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