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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दे दी गई है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद देश के 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 55 लाख से ज्यादा केंद्रीय पेंशनधारियों को सीधा लाभ मिलेगा। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद वेतन भत्तों में कुल मिलाकर 23.5 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को बढ़ा हुआ भत्ता 1 जुलाई से मिलने लगेगा। इसके लागू होने के बाद सरकार पर कुल 30,748 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा।

जनवरी 2016 से होगी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक के बाद कहा कि केंद्र सरकार के 50 लाख कर्मियों को सातवें वेतन आयोग के जरिए हुई वेतन भत्तों के लिए बधाई। कैबिनेट ने एक जनवरी 2016 से सिफारिशें लागू करने की मंजूरी दी है। वेतन आयोग ने पिछले साल नवंबर में प्रस्तुत अपनी रपट में कनिष्ठ स्तर पर मूल वेतन में 14.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी की सिफारिश कर थी जो पिछले 70 साल में किसी भी केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा सुझाई गई न्यूनतम वृद्धि है। छठे वेतन आयोग ने वेतन भत्तों में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का सिफारिश की थी जिसे सरकार ने 2008 में लागू करते समय दोगुना कर दिया था।

इसका ऐलान करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले HRA में वेतन आयोग की सिफारिशों से ज़्यादा बढ़ोत्तरी को मंज़ूरी दी है।

इस प्रकार रहेगी HRA की नई दरें

सरकारी कर्मचारी को महंगाई भत्ता बेसिक तनख्वाह का 25 फीसदी होगा तो उसे X, Y, Z कैटेगरी के शहरों के लिए 27, 18 और 9 फीसदी HRA मिलेगा। इसके अलावा कर्मचारी का DA बेसिक का 50% तक पहुंचेगा तो उसे अलग-अलग कैटगरी के शहरों के लिए HRA 30%, 20% और 10% की दर से मिलेगा। निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए एक फ्लोर तय किया जाएगा, उनका HRA उसी के आधार पर तय होगा।

सियाचिन भत्ता में दोगूना बढ़ा

सातवें वेतन आयोग ने लेवल 9 और उसके ऊपर के लिए 31,500 की सिफारिश की थी। सरकार ने उसे बढ़ाकर 42,500 करने का फैसला किया है। सातवें वेतन आयोग ने लेवल 8 और उसके नीचे के लिए 21,000 की सिफारिश की थी। सरकार ने उसे बढ़ाकर 30,000 करने का फैसला किया है।

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