Chambal Hanging Bridge

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उदयपुर की खेलगाओं सभा में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और लाखों की भीड़ के समक्ष बटन दबाकर कोटा के अद्भुत हैंगिंग ब्रिज का लोकार्पण किया। राजस्थान में भूमिकारूप व्यवस्था के आधुनिक पहचान के प्रतीक इस ब्रिज का लोकार्पण होते ही कोटा में चम्बल ब्रिज पर मौजूद कोटा के हजारों नागरिकों में हर्ष की लहर दौड़ गई। इस ब्रिज की परिकल्पना खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने पिछले कार्यकाल में की थी किन्तु पिछली कांग्रेस की सरकार ने इसका काम एक दुर्घटना के बाद रोक दिया था जिसे भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री राजे ने फिर शुरू करवाया। उद्घाटन कार्यक्रम से पहले अखंड रामायण का भी पाठ हुआ।

6 लेन हैंगिंग ब्रिज

Chambal Hanging Bridge

राजस्थान दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैंगिंग ब्रिज का उद्घाटन किया। एक ही दिन में मोदी ने 15,000 करोड़ रुपए की योजनाओं की शुरुआत की। कोटा में चम्बल नदी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर 277.67 करोड़ की लागत से बना यह 6 लेन हैंगिंग ब्रिज है। शहर में हर साल औसतन 125 मौतें एक्सीडेंट में होती हैं जिसमें से करीब 50 मौतें भारी वाहनों के कारण होती हैं।

आठ देशों की तकनीक

हैंगिंग ब्रिज 1.4 किमी लम्बा है। जिसकी चौड़ाई 30 मीटर है। 6 लेन ब्रिज पर 1.6 मीटर का फुटपाथ भी दिया गया है। हैंगिंग ब्रिज चम्बल नदी से 60 मीटर की उंचाई पर है। यह 80 केबिलों पर टिका हुआ है। 41 मीटर सबसे छोटा केबल तथा 192 मीटर सबसे बड़ा केबल है। इस ब्रिज के निर्माण में आठ देशों भारत, फ्रांस, अमेरिका, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया, इटली, जापान एवं यूक्रेन की तकनीकी एवं अनुभव को काम लिया गया है।

देश का तीसरा हैंगिंग ब्रिज

जयपुर से बारां जाने वाले वाहन अभी बड़गांव से चंबल ब्रिज, घंटाघर चौराहा होते हुए जाते हैं, अब इस पुल की मदद से वाहन हैंगिंग ब्रिज से होकर बाईपास से बारां जा सकेंगे। चित्तौड़-उदयपुर से बारां व झालावाड़ जाने वाले वाहनों शहर के भीतर आने की बजाय हैंगिंग ब्रिज से होकर निकल जाएंगे। रावतभाटा से झालावाड़ रोड जाने के लिए चंबल ब्रिज तक का 16 किमी लंबा चक्कर नहीं लगाना होगा।

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