राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर में गुरुवार को साहित्य की सरिता में गोता लगाने साहित्य प्रेमियों का हुजूम उमड़ पड़ा। जेएलएफ के पहले दिन सुबह 9 बजे से खास राजस्थानी अंदाज में विजिटर्स का स्वागत किया गया। फ्रंट लोन के बाहर प्रवेश पर विशेष राजस्थानी वेशभूषा में परम्परागत नृत्य ने देसी-विदेशी आगंतुकों को खास प्रभावित किया।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की उपस्थिती में हुआ महोत्सव का आगाज

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव , गुलजार और एन वाल्डमैन की उपस्थिती में राजधानी जयपुर में पांच दिवसीय जयपुर साहित्य महोत्सव का आगाज हुआ।

जेएलएफ के 10 साल हुए पूरे, सबसे बड़ा साहित्योत्सव

उल्लेखनीय है कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 10 साल पूरे हो रहे हैं और इस दौरान यह एक छोटे से विचार से विश्व का सबसे बड़ा निःशुल्क साहित्योत्सव बन गया। पिछले एक दशक के दौरान यह फेस्टिवल 1300 से अधिक वक्ताओं और 12 लाख से अधिक लोगों की मेजबानी कर चुका है।

थीम- द फ्रीडम टू ड्रीमः इंडिया एट 70

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक चर्चा और सामाजिक संवाद के सफल प्रणेता के तौर पर जेएलएफ इस वर्ष ‘द फ्रीडम टू ड्रीम’ की थीम के पर आयोजित हो रहा है। इस के जरिए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक का जश्न मनाया जा रहा है। इसके तहत भारत के इतिहास और भविष्य के संदर्भ में आधुनिक भारत के बारे में भी चर्चा की जाएगी।

250 से अधिक लेखक और सेलिब्रेटी

दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजन के रूप में पहचाने जाने वाले इस लिट फेस्ट में इस बार 250 से अधिक लेखक, विचारक, राजनेता, पत्रकार और लोकप्रिय सांस्कृतिक हस्तियां हिस्सा लेंगी। आयोजकों के अनुसार इस बार दर्शकों की संख्या पिछले संस्करण में आए 3,30,000 दर्शकों से बेहद अधिक होगी।

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