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राजस्थान सरकार प्रदेश की सभी कौमों के साथ हमेशा खड़ी रहती है एक तरफ मुख्यमंत्री राजे ने गुर्जर समाज को उनका हक दिया है और गुर्जर समाज के आरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है वही दूसरी तरफ गुर्जर समाज को कई योजनाओं के द्वारा लाभ दिया जा रहा है ताकि समाज का विकास हो सके और मुख्यपटल पर आ सके। अब राजस्थान में जाट समाज भी आरक्षण के लाभ लेने के लिए सरकार से गुहार कर रहा है। मुख्यमंत्री राजे ने अनुसुचित आयोग की रिपोर्ट के तहत जाटों को भी अनुसुचित लिस्ट में जोड़ने जा रही है। इस संबंध में ओबीसी कमीशन ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार जाटों को स्टेट ओबीसी लिस्ट में जगह देगी।

धौलपुर और भरतपुर के जाट समाज को मिलेगा ओबीसी आरक्षण का लाभ

राजस्थान सरकार की रिपोर्ट के मुताबित प्रदेश के धौलपुर और भरतपुर के जाट समुदाय के आंकड़े भी सामाजिक रहन-सहन और पिछड़ेपन को साबित करते है । ऐसे में राज्य कैबिनेट एक प्रस्ताव लाकर आरक्षण देने का नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। इन दो जिलों को छोड़कर राजस्थान के सभी जाट समाज को ओबीसी की सूचि में पहले से ही शामिल किया गया है। जाट समाज ने पहले भी आरक्षण का मुद्दा उठाया था लेकिन गुर्जर और जाट समाजों के एक साथ मांग करने और आरक्षण का कोटा पूरा होने के बाद इसे पूरा नही किया जा सका।

गुरूवार को सौंपी गई ओबीसी आयोग की रिपोर्ट

राजस्थान में जाट समाज को ओबीसी आरक्षण के लाभ देने के लिए राज्य सरकार ने ओबीसी आयोग से इस पर रिपोर्ट बनाने के लिए कहा था। गुरुवार को आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सौंप दी है। पंचायती एवं ग्रामीण विकास मंत्री राजेंद्र राठौड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी, बीसूका कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डॉ. दिगंबर सिंह की मौजूदगी में ओबीसी आयोग के अध्यक्ष जितेंद्र गोयल व आयोज के सदस्य सचिव हरिकुमार गोदारा ने मुख्यमत्री राजे को ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट के तहत धौलपुर और भरतपुर के जाटों को भी ओबीसी आरक्षण का लाभ दिया जा सकता है।

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