इस साल भारतीय महिलाओं ने रक्षा क्षेत्र में कॉम्बैट रोल हासिल कर इतिहास रच दिया और तीन महिला पायलटों का पहला बैच भारतीय वायुसेना को मिला। भारतीय वायु सेना के फाइटर स्क्वाड्रन में शामिल होने वाली तीनों महिलाओं अवनी चतुवेर्दी, भावना कंठ और मोहना सिंह ने अपना प्रशिक्षण पूरा किया और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने उन्हें औपचारिक कमीशन दिया।

इसी साल लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी ऐसी पहली महिला अधिकारी बनीं जिन्होंने एक्सरसाइज फोर्स 18 नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभियान का नेतत्व करने वाली भारतीय सैन्य टुकड़ी का नेतत्व किया। दो से आठ मार्च तक पुणे में हुई फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज में शांतिरक्षण अभियानों और मानवीय खनन कार्य में अहम भूमिका निभाने वाली 40 सदस्यीय भारतीय टुकड़ी सहित कुल 18 टुकड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस साल ही 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर पहली बार सीआरपीएफ की महिला जवानों की टुकड़ी राजपथ पर मार्च में शामिल हुई।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अमेरिका की फॉरेन पॉलिसी पत्रिका द्वारा तैयार की गई साल 2016 की ग्लोबल थिंकर्स लिस्ट में जगह मिली है। पत्रिका ने टिवटर कूटनीति के अनोखे ब्रांड को प्रचलित करने के लिए सुषमा को बधाई भी दी।

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अमेरिकी शो क्वांटिको में एफबीआई एजेंट की भूमिका के लिए पीपल्स च्वाइस अवार्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।

फैशन डिजाइनर अनिता डोंगरे इस साल गूगल पर सबसे ज्यादा तलाश की गई हस्तियों में शामिल हैं। अनिता तब चर्चा में आई थीं जब इस साल भारत यात्रा के दौरान ब्रिटिश शाही घराने की सदस्य केट मिडिलटन ने उनका डिजाइन किया एक परिधान पहना था।

जम्मू कश्मीर में विकास एवं शांति की नयी गाथा लिखते हुए पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती चार अप्रैल को राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने 21 अगस्त को मणिपुर के राज्यपाल के तौर पर शपथ ली।

खेलों की दुनिया में भारतीय महिलाओं ने किया देश का ध्वज उंचा

खेलों की दुनिया में आधी आबादी ने देश का ध्वज बड़ी शान से उंचा किया। हरियाणा की पहलवान साक्षी मलिक ने अगस्त में रियो दि जिनेरियो में संपन्न ओलंपिक में 58 किग्रा वर्ग में रेपेचेज के कांस्य पदक के मुकाबले में किर्गिस्तान की ऐसुलू ताइनीबेकोवा को हराकर कांस्य पदक जीता।


रियो ओलंपिक की बैडमिंटन महिला एकल स्पर्धा में पी वी सिंधु ने रजत पदक जीत कर भारत को गौरवान्वित किया। वह फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी स्पेन की कैरोलिना मारिन से हार गईं। वह ओलंपिक में पदक जीतने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी हैं।

रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली 23 वषीर्य दीपा करमाकर भारत की पहली महिला जिमनास्ट बनीं और वह फाइनल तक पहुंची। व्यक्तिगत वाल्ट में चौथे स्थान पर रहने वाली त्रिपुरा की 23 वषीर्य दीपा 0.150 अंकों से ओलंपिक पदक से चूक गयीं। उन्होंने हालांकि खतरनाक प्रोडुनोवा में शानदार प्रदर्शन किया। व्यक्तिगत वाल्ट में दीपा का प्रदर्शन किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

भारत की दीपा मलिक ने 12 सितंबर को ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में गोला फेंक एफ-53 स्पर्द्धा में रजत पदक जीता और परालंपिक में पदक हासिल करने वाले देश की पहली महिला खिलाड़ी बन कर इतिहास रचते हुए बता दिया कि बुलंद हौसलों के आगे शारीरिक अक्षमता बहुत बौनी हो जाती है।  दीपा के कमर से नीचे का हिस्सा लकवा से ग्रस्त है। सत्रह साल पहले रीढ़ में टयूमर के कारण उनका चलना असंभव हो गया था। दीपा के 31 आपरेशन हुए जिसके लिये उनकी कमर और पांव के बीच 183 टांके लगे थे।

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