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राजस्थान में आई जल प्रलय के बाद मुख्यमंत्री राजे ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों को राहत पहुंचाने के कार्य को तेज कर दिया है। जल त्रासदी के प्रदेश के लाखों किसानों पर भी आफत का दौर चल रहा है। बाढ़ से क्षेत्रों में होने वाली रकबें को काफी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री राजे ने बाढ़ प्रभावित किसानों को विशेष राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को पाली, जालोर, सिरोही के बाढग़्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। मुख्यमंत्री राजे ने बाढ़ पीड़ित 2.95 लाख किसानों के 1310 करोड़ के लघु ऋण को मध्यम श्रेणी में बदलने का फैसला किया है। राजे ने कहा कि राहत कार्य में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी,ऐसे अधिकारियों को नहीं बख्शा जाएगा। अब तक 11 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ ग्रस्त से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया हैं।

बाढ़ पीड़ितों की हर संभव की जा रही है सहायता

मुख्यमंत्री राजे ने जालोर में पत्रकार वार्ता में बताया कि 12 हजार से अधिक बीमार पशुधन का इलाज किया गया। विभाग की ओर से पाली जिले में 7000, जालोर में 2200, सिरोही में 17000 भोजन के पैकेट तैयार और 4000 सूखे भोजन के पैकेट की लोगों के लिए व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री राजे ने हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हाल जाना। मुख्यमंत्री सोमवार को हैलिकॉप्टर से जालोर पहुंची,जहां से सीधी आहोर, जालोर के बीच लेटा-सांकरणा स्थित जवाई नदी के प्रवाह से टूटी पुलिया और क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया।

नुकसान का आंकलन कर दिया मुआवजा

जिला मुख्यालय पर कलेक्टर, एसपी सहित सभी विभागों के अधिकारियों से फीडबैक लेकर नुकसान की स्थिति को जाना। राजे ने सांचोर के चितलवाना, हेमागुडा, सेसावा, होथीगांव, गांधव क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। जालोर-सिरोही सांसद देवजी एम पटेल के अतिरिक्तफंड देने की मांग पर मुख्यमंत्री ने नुकसान का आंकलन करवाकर उचित मुआवजा दिया। मुख्यमंत्री राजे ने बाढ़ में मृतकों को 1-1 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 25-25 हजार और आंशिक घायलों को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

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21 करोड़ गौशालाओं के लिए स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने बताया कि गौपालन विभाग की ओर से जालोर, सिरोही एवं पाली जिले की 196 गौशालाओं को गौ-संरक्षण और संवर्धन निधि से 21 करोड़ रुपए की सहायता दी जा चुकी है। जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे 615 लोगों को सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला तथा पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षित निकाला जा चुका है। सियाणा में 9, सायला में 30 तथा सांचोर से 60 लोगों को हैलिकॉप्टर से रेक्स्यू किया। एनडीआरएफ की टीम ने 155 लोगों को बचाया हैं। तहसील मुख्यालयों पर 9 अस्थाई राहत शिविर खोले गए हैं। जहां ग्रामीण एवं भामाशाहों के सहयोग से लोगों सहायता पहुंचाई जा रही है।

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