राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ने एक बार फिर से राजस्थान में अपनी सरकार बनाने का दावा किया है। गहलोत जी अपने मन की पीड़ा आखिर किसे बयां कर रहे है। आखिर कौन है इनकी सुनने वाला। चलों आपने कही तो सबने मान ली। एक तो आप प्रदेश में सरकार बनाने का बेतुकी दावा करते है और एक आपके ही जैसे छोटे नवाब देश में फिर अपनी सरकार बनाने का दर्दनाक सपना देख रहे है।
गहलोत जी आपने प्रदेश के लोगो को दीपावली की शुभ कामनाएं दी है वो भी प्रदेश में फिर से सरकार बनाने के ख्याली पुलाव के साथ। आपकों क्या लगता हैकि लोग आपके इन ख्याली पुलावों के आंटे में आजाएंगे।
आप चुनाव जीतने की बात कह रहे है! आखिर किस दम पर आप चुनाव जीतेंगे? अरे पूर्व मुख्यमंत्री जी आप पहले चुनाव लड़ने के बारे में तो सोचिए। हम आपके दावे को कभी भी गलत नही आंकते, आप बडें है बुजुर्ग है, आपको तजूर्बा है लेकिन आपके हालात ऐसे है कि’ जब घर में नही दाने औऱ अम्मा चली भूनाने’ ।
श्रीमान जरा सोचकर देखिए आप किस दम पर चुनाव जीतने और राजस्थान में फिर से सरकार बनाने के ख्वाब देख रहे है। क्या आपकों अभी भी विश्वास नही होता की देश में मोदी जी जैसे प्रधानमंत्री आज तक के इतिहास में नही हुए। आप खुद सोचिए की क्या राहुल जी को देश का नेतृत्व करना चाहिए?
गहलोत की हमारी संवेदनाएं आपके साथ है हम आपकों सपने देखने से नही रोक रहे लेकिन एक बार देश के भविष्य के बारे में सोचकर तो देखिए? आपको भी कोंग्रेस के शासन से परे देश में असली आजादी का शानदार अहसास होगा।

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