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राजस्थान देश के ऐसे राज्यों में शुमार है जहां इंट्रास्टेट कनेक्टिविटी जैसी हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हाल ही में प्रदेश को इंट्रा स्टेट कनेक्टिविटी से हवाई मार्गों से जोडने का कार्य किया हैं। राजस्थान पर्यटन के लिहाज से देश में अग्रणी राज्य के तौर पर जाना जाता हैं। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरुवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा से मुलाकात की । मुख्यमंत्री राजे ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि केन्द्र सरकार की नई योजना के तहत पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राजस्थान के विभिन्न शहरों को विमान सेवाओं से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा को बताया कि राजस्थान के करीब हर जिले में हवाई पट्टियां मौजूद हैं ऐसे में केन्द्र सरकार की ‘उड़े देश का आम नागरिक’ योजना के तहत इन हवाई पट्टियों को छोटी विमान सेवाओं से जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जाएं। जिससे प्रदेश को बेहतर पर्यटन हब के रुप में विकसित किया जा सकें।

अधिक अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवाओं से जोड़ने की आवश्यकता

मुख्यमंत्री राजे ने राजस्थान के विभिन्न महत्वपूर्ण पर्यटन सर्किट्स पर नई हवाई सेवाएं शुरू करने और बंद हो चुकी सेवाओं को पुनः शुरू करवाने के लिए केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया। जयपुर को और अधिक अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवाओं से जोड़ने की आवश्यकता से रुबरु करवाया। उन्होंने अधिक यात्री भार से जयपुर हवाई अड्डे पर उत्पन्न दबाव से निपटने के लिए और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।

वीआईपी टर्मिनल बनाने करवाएं जमीन आवंटित

राजे ने केन्द्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा को बताया कि कि जयपुर में स्टेट हैंगर के पास वीआईपी टर्मिनल बनाने के लिए भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण की ओर से जमीन आवंटित की जाए। उन्होने प्रवासी लोगों की सुविधा के लिए संयुक्त अरब अमीरात से अमीरात एयर लाइंस की जयपुर तक विमान सेवा के लिए द्विपक्षीय समझौते के अनुरूप पहल करवाने का आग्रह भी किया।

हवाई अड्डों के पास नही दी जाए उंची इमारतों की स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा की दृष्टि से भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण द्वारा जयपुर, जोधपुर और उदयपुर हवाई अड्डों की सीमा से सटे क्षेत्रों में ऊंची इमारतों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान नहीं करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों में अगर एनओसी दी भी जाए, तो इसके लिए स्थानीय प्रशासन से सलाह ली जानी चाहिए ताकि सुरक्षा के सभी पहलुओं पर विचार किया जा सके।

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