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कन्या भ्रूणहत्या जैसे जघन्य अपराध को रोकने में इस समय राजस्थान पूरे देश के लिए एक आदर्श राज्य बन चुका है। राजस्थान के पीसीपीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques)  मॉडल से प्रभावित होकर यूपी के बाद गुजरात, दिल्ली, पंजाब झारखंड आदि राज्यों ने इसे अपने राज्यों में लागू करने की तैयारी प्रारंभ कर दी है।

भ्रूणहत्या रोकने में देशभर में अव्वल बना राजस्थान:

कुछ साल पहले तक जिस राजस्थान में लगातार गिरता लिंगानुपात चिंता का विषय बना हुआ था, वहां आज इस दिशा में किये गए सरकारी प्रयास गौरव का विषय बन गए है। राजस्थान सरकार की कार्यनीतियों और सख़्त कार्यवाइयों के बूते पर आज स्थिति बेहतर से बेहतर हो चुकी है। राजस्थान भ्रूणहत्या रोकने के मामलें में आज देश का अव्वल राज्य बन चुका है। सोनोग्राफी केन्द्रों की नियमित  मॉनिटरिंग, सोनोग्राफी मशीनों पर एक्टिव ट्रेकर लगाने तथा स्वास्थ्य केन्द्रों का औचक और नियमित निरीक्षण कर  राज्य की पीसीपीएनडीटी यूनिट आज देशभर में पहले स्थान पर पहुँच चुकी है।

राजस्थान से सीख रहे हैं अन्य राज्य:

आज देश के उत्तरप्रदेश, गुजरात, दिल्ली, पंजाब, झारखण्ड जैसे अनेक राज्य राजस्थान की नीति से प्रेरित होकर अपने राज्यों में राजस्थान मॉडल अपना रहे है। उत्तर-प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान के पीसीपीएनडीटी और जांच ब्यूरों की तर्ज पर यूपी में भ्रूण लिंग जांच पर सख़्त कदम उठाने हेतु एक विशेष टीम बनाई जा रही है। कन्या भ्रूण हत्या पर पूरी तरह से लगाम कसने के कारण देशभर में राजस्थान के प्रयासों की सराहना हो रही है। इसी बात को देखते हुए पिछले पांच महीने में उत्तरप्रदेश की पीसीपीएनडीटी टीम राजस्थान में चार बार आ चुकी है। इस दौरान टीम ने राजस्थान सरकार के ”बेटी बचाओ मॉडल”  को गहराई से समझा है। राजस्थान की टीम को दो बार  उत्तरप्रदेश सरकार ने अपने यहाँ बुलाकर डिकॉय ऑपरेशन करने की कार्यशैली को समझा है और यूपी के फील्ड एरिया में इसे लागू करवाया है।

राजस्थान ने डिकॉय ऑपरेशन में नेतृत्व किया:

राजस्थान के राज्य मिशन निदेशक (नेशनल हैल्थ मिशन) नवीन जैन ने बताया है कि यूपी के साथ ही उत्तर भारत के पड़ौसी राज्य भी कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए अपने यहाँ राजस्थान मॉडल को लागू करने की तैयारी कर रहे है। ये सभी राज्य लगातार राजस्थान सरकार से इस हेतु यह सहयोग प्रयास देने के लिए आग्रह कर रहे है। अब तक कुल 75 डिकॉय ऑपरेशन में राजस्थान की टीम ने अन्य राज्यों का नेतृत्व किया है। इन राज्यों ने राजस्थान सरकार की मदद से डिकॉय ऑपरेशन कर लिंग जांच करने वाले अपराधियों को पकड़ने की कार्यप्रणाली को समझा है। इन सभी 75 डिकॉय ऑपरेशन में से 59 राजस्थान में और 16 राजस्थान के बाहर अन्य राज्यों में राजस्थान की टीम के नेतृत्व में किए गए हैं।

तेजी से बढ़ा है है, हमारा बाल लिंगानुपात:

सरकार की प्रभावी नीतियों और उसके बाद सख़्त निगरानी एवं नियंत्रण से राजस्थान में लड़का और लड़की का जन्म अनुपात बराबरी पर आने की कगार पर पहुँच गया है। राज्य की सामाजिक कार्यकर्ता राजन चौधरी ने बताया कि राजस्थान में पिछले 4 सालों में तेजी से बालिका लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई है। अगर 2011 की जनगणना पर एक नज़र डालें तो आंकड़े बताते है कि उस समय राज्य में लिंगानुपात 888 पर था। मतलब राज्य में 1000 लड़कों पर महज़ 888 लड़कियां थी। यह बेहद चिंताजनक और विचारणीय स्थिति थी। सरकार ने स्थिति की गंभीरता को समझ राज्य के विकास में बाधा बन रहे हर मसलें को ठीक करने की ठानी। सरकार के अभिनव प्रयासों से अब वर्तमान में राज्य का जन्म बाल लिंगानुपात 939 पर पहुँच गया है।

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