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राजस्थान सरकार ने प्रदेश के गुर्जर सहित पांच जातियों को आरक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है आगामी मानसून सत्र से पहले गुर्जर समाद को राज्य सरकार आरक्षण की सौगात देने की कवायद कर रही है। मुख्यमंत्री राजे का कहना है कि गुर्जर समाज को आरक्षण का लाभ देने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगी तथा इसी कार्यकाल में गुर्जर समाज की मांगों को पूरा करेंगी। गुर्जर सहित अन्य जातियों को आरक्षण देने की कोशिश में जुटी राज्य सरकार इसके लिए ओबीसी आरक्षण का कोटा 21 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत कर सकती है। इस कोटे को दो भागों में भी बांटा जाएगा।

इन दो फार्मूलों को आधार पर मिल सकता है आरक्षण

पहला : ओबीसी का आरक्षण 26 प्रतिशत कर 21 प्रतिशत पहली कैटेगरी में रखे और खत्म हो चुके एसबीसी की जातियों को दूसरी कैटेगरी में पांच प्रतिशत आरक्षण दे। सरकार इसी फार्मूले को ज्यादा प्राथमिकता देगी, क्योंकि इससे ओबीसी की दूसरी जातियां डिस्टर्ब नहीं होगी।
दूसरा : 26 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण करके गुर्जर सहित 20-25 जातियों की अलग से कैटेगरी बनाएं

गर्ग कमेटी ने सौंपी अपनी रिपोर्ट

दरअसल,राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की गुर्जर सहित पांच जातियों के लिए लागू किया गया विशेष आर्थिक आरक्षण पिछली साल 9 दिसंबर को खारिज कर दिया था जिसके बाद राज्य सरकार ने गर्ग कमेटी का गठन किया । इस गर्ग कमेटी ने मुख्यमंत्री राजे को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। गर्ग कमेटी ने गुर्जर सहित पांच जातियों को आरक्षण का फायदा दिलाने की इस रिपोर्ट में सिफारिशें की है। इसके साथ ही गर्ग कमेटी ने 25 जातियों के मामले में भी प्रजेंटेशन बनाया।

ओबीसी का कोटा बढ़ाकर दो हिस्सों में बांटा जाएगा

राज्य सरकार ने कमेटी की सिफारिशें मानीं तो ओबीसी कोटा बढ़ाकर ओबीसी की दो कैटेगरी बनेगी। इसमें अन्य पिछड़ा के अलावा अति या अत्यंत पिछड़ा नाम दिया जाएगा। एसबीसी का नाम अस्तित्व में नहीं रहेगा। दूसरी कैटेगरी घुमंतू और चरवाहा जातियों की बनेगी। नियम अनुसार क्रीमीलेयर भी लागू रहेगा। हालांकि ऐसे हालातों में भी आरक्षण 50 प्रतिशत से ऊपर 54 प्रतिशत जाएगा।

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