राजस्थान को देश के नए शिक्षा हब के रुप में देखा जा रहा है। देश विदेश से लाखों छात्र आज राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियां कर रहे है। राजस्थान के युवाओं ने शिक्षा जगत ने कई नए आयाम स्थापित किए है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र को एक नई पहचान दी है। आज राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा और उससे आगे की पढ़ाई को भी निशुल्क छात्रों तक पहुंचा रही है। राजस्थान के ही भीलवाड़ा का एक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

भीलवाड़ा के राजेंद्र मार्ग स्थित है यह सरकारी विद्यालय

राजस्थान के भीलवाड़ा का एक राजकीय उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय ने प्रदेश के लाखों निजी विद्यालयों को चुनौति पेश की है। यह एक मात्र ऐसा विद्यालय है जहां सरकारी ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े नामचीन स्‍कूलों के बच्‍चे एडमिशन ले चुके है। आपको बतादें कि भीलवाड़ा के राजेंद्र मार्ग पर स्थित इस विद्यालय की कार्य प्रणाली की स्‍वयं प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सराहना कर 75वें स्‍थापना दिवस पर शुभकामनाएं भी प्रेषित की है।

2 हज़ार से ज्यादा बच्चे कर रहे है पढ़ाई

दरअसल, यह भीलवाड़ा ही नही बल्कि पूरे संभाव का एकमात्र सरकारी विद्यालय है, जहां पर 9वीं और 11वीं कक्षा में अंग्रेजी माध्‍यम में शिक्षा शुरू की गई है, जिसके कारण शहर के कई निजी विद्यालयों से छात्रों ने टीसी लेकर इस विद्यालय में अपना नाम दर्ज करवा दिया। इन छात्रों में कई सरकारी कर्मचारी, व्‍यापारी और उद्योग‍पतियों के बेटे हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य महावीर कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यालय में वर्तमान में करीब 2 हजार 72 बच्‍चों का नामांकन हो चुका है। इस विद्यालय में हमने इस वर्ष कक्षा 9वीं और 11वीं में अंग्रेजी माध्‍यम से पढ़ाई शुरू करवाई है, जिससे नि‍जी विद्यालयों को छोड़कर 80 विद्यार्थियों ने विद्यालय में अपना नाम दर्ज करवाया है। उन छात्रों ने यहां नाम दर्ज करवाकर परिवार का करीब 30 लाख रुपए का आर्थिक बोझ कम किया है।

75 वर्ष पूर्ण करने पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं

प्रधानाचार्य महावीर शर्मा ने बताया कि विद्यालय के 75 वर्ष पूर्ण होने पर हमने एक स्‍मारिका ‘इरा’ का प्रकाशन किया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भी विद्यालय के निमित अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की थी। यहां के बच्‍चों ने उच्‍च परिक्षा परिणाम के साथ-साथ खेलकूद में भी राज्‍यस्‍तरीय अच्‍छा प्रदर्शन किया है।प्रधानाचार्य ने यह भी कहा कि मुख्‍यमंत्री विद्यादान कार्यक्रम में विद्यालय ने भी दान जुटाया है और 2 हजार से अधिक हस्‍ताक्षर करवा लिए हैं। वहीं निजी विद्यालयों से आए छात्रों का कहना है कि हमें निजी विद्यालय से भी अच्‍छी शिक्षा यहां पर मिल रही है। हम अन्‍य छात्रों से भी अपिल करेंगे कि निजी विद्यालयों में लाखों रुपए खर्च न करके सरकारी विद्यालय में अपना नाम दर्ज करवाएं।

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