water

राजस्थान सरकार के निरंतर चल रहे विकास कार्यक्रमों का लाभ प्रदेश के सभी क्षेत्रवासियों को मिल रहा है। पिछली कांग्रेस सरकार का दुशासन अब वसुंधरा सरकार के सुशासन में बदल गया है। यहीं वजह है कि आमजन को सरकार द्वारा दी जा रही सहूलियतों और सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जल संरक्षण और प्रबंधन की अनेक योजनाओं पर काम कर रही राजस्थान सरकार ने अभी कल ही जयपुर के हरमाड़ा और अनोखा गांव क्षेत्र की दो दर्जन कॉलोनियों के नागरिकों को बीसलपुर के मीठे  पानी की सौगात दी। अपनी पेयजल योजना के तहत सरकार के जलदाय विभाग ने इस क्षेत्र के लोगों को बीसलपुर के मीठे पानी से जोड़ दिया।

ट्यूबवैल के खारे पानी से मिली निजात:

सरकार के इस कल्याणकारी कार्य से क्षेत्र में रहने वाले 30 हजार परिवारों को ट्यूबवैल के खारे पानी से निजात मिल गई। अब तक इन्हें ट्यूबवैल के ज़रिये पेयजल की आपूर्ति की जाती थी। क्षेत्र में इस योजना का लोकार्पण प्रदेश के जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल और विद्याधर नगर विधायक नरपत सिंह राजवी ने किया। क्षेत्र के बढ़ारणा में करीब 3 माह पूर्व अप्रैल में ही पानी पहुंचा दिया गया था। अब कार्य की प्रगति में गति एवं गुणवत्ता का समावेश कर हरमाड़ा और अनोखा गांव को बीसलपुर बाँध से जोड़ने का काम भी पूरा कर लिया गया है।

इन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा:

सरकार की इस योजना से इस क्षेत्र के आस-पास आने वाले सर्वोदय नगर, गोविंद नगर, गायत्री नगर, सुदामा कॉलोनी, गिर्राज विहार, जोडला पावर हाउस, गंगा विहार, करनी निवास, सुदामापुरी, गोकुल विहार एवं अनोखा क्षेत्र में गुरूदेव विहार, एंजीला नगर, गणेश नगर, सुदामापुरी-द्वितीय, नींदड़ मोड़, रविदास कालोनी, अयोध्यापुरी, नीलगिरी, बालाजी विहार, अंबिका विहार, फ्रेंड्स कालोनी, मारूति विहार और नाथ आश्रम के रहने वालों को मीठा पानी मिलेगा। जलदाय विभाग के मंत्री सुरेंद्र गोयल ने बताया कि जल्द ही इस क्षेत्र के आसपास वाले माचेड़ा एवं नींदड़ को भी पूरी तरह इस योजना से जोड़ दिया जायेगा। सरकार की योजना द्वारा अभी क्षेत्र के लगभग 15 हजार और अधिक परिवारों को मीठा पानी पहुंचाया जाएगा।

राज्य सरकार ने 4 करोड़ 63 लाख रूपए स्वीकृत किए:

योजना से जनहित के काम को अंजाम देने वाली राजस्थान सरकार के विभागीय मंत्री सुरेंद्र गोयल ने बताया कि इस क्षेत्र को बीसलपुर से जोड़कर यहाँ के जनवासियों को मीठा पानी मुहैया करवाने के लिए साल 2016 में सरकार ने 4 करोड़ 63 लाख रुपए स्वीकृत किए थे। जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि हरमाड़ा और अनोखा गांव की इस जल योजना में 5 हजार पेयजल कनेक्शन विभाग ने फिलहाल जारी कर दिए हैं। कारण यह था कि लगातार गिरते भूजल स्तर से नलकूपों में पानी की आवक कम हो रही थी। इससे क्षेत्र में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। सरकार ने क्षेत्रवासियों की समस्याओं को तुरंत समझकर उसके निदान पर काम किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here