vasundhara raje

राजस्थान के बेरोजगार युवाओं के लिए एक और खुशखबरी आई हैं। अब राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत सहायक भर्ती 2017 पर से रोक हटा ली हैं। हाईकोर्ट की रोक हटने के बाद प्रदेश में करीब 27 हजार पदों पर पंचायत सहायकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के युवाओं को राहत देते हुए एसबीसी आरक्षण के कारण 6 महीनों से अटकी 60 हजार भर्तियों को हरी झंडी दिखाई। .

याचिकाकर्चा का आधार ठीक नही

शुक्रवार को जस्टिस एसपी शर्मा की अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सहायक भर्ती में सरकार की नीति और चयन का आधार सही है। ऐसे में भर्ती से रोक हटाए जाना उचित है। दरअसल, हाईकोर्ट ने ही जनवरी महीने में बोदुराम और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए रोक लगाई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि भर्ती में आरक्षण का प्रावधान नहीं रखा गया है। वहीं इसमें ऊपरी आयु सीमा भी तय नहीं है।

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भर्ती में पारदर्शिता नही होने पर व्यक्तिगत रूप कोर्ट पहुंचे

याचिकाकर्ता का कहना था कि भर्ती में पारदर्शिता भी नहीं बरती जा रही है। ऐसे में इस पर रोक लगाई जाए, लेकिन शुक्रवार कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि यह संविदा भर्ती है ऐसे में इसमें आरक्षण और आयु सीमा की बाध्यता आवश्यक नही हैं। अगर भर्ती में पारदर्शिता नहीं होती है तो व्यक्तिगत रूप से कोई याचिकाकर्ता कोर्ट में आने के लिए स्वतंत्र रहेगा। मामले में सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता एसके गुप्ता, वहीं याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता विज्ञान शाह, रघुनंदन शर्मा और रामप्रताप सैनी ने मामले में पैरवी की। buybtc.in ,rajpalace.com

सुप्रीम कोर्ट ने दिखाई थी 60 हजार भर्तियों को हरी झंडी

राजस्थान के युवाओं के लिए प्रदेश सरकार की ओर से खुश खबरी आई हैं। अब राजस्थान के युवाओं को छह माह से अटकी 60 हजार नौकरियां मिलने के रास्ते खुल गये है। स्पेशल बैकवर्ड कास्ट (एसबीसी) आरक्षण के कारण प्रदेश में पिछले 6 माह से अटकी करीब 60 हजार नौकरियों की राह खुल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एसबीसी की विवादित भर्तियों में फाइनली सलेक्टेड 1252 चयनितों को ज्वाइनिंग की मंजूरी दी है, लेकिन ये ज्वॉइनिंग राज्य सरकार द्वारा एसबीसी आरक्षण को बचाने के लिए लगाई गई एसएलपी के अधीन रहेगी।

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