मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भगवान शिव की पूजा का माह माने जाने वाले सावन के पहले सोमवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ गोविंदपुरा के बीड़ गांव में बीलपत्र के पौधे लगाकर 68वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री राजे ने जन समूह के साथ मौलश्री, गूलर, पीपल, बरगद और खेजड़ी के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री राजे ने वन महोत्सव की शुरुआत कर वैशाली नगर स्थित झाडखंड़ महादेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री राजे के साथ केंद्रीय वन एंव पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री राजे ने भगवान शिव का जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक करने के बाद बिल्वपपत्र अर्पित किए। मुख्यमंत्री राजे ने प्रदेश की जनता से आह्वान किया है कि हर व्यक्ति कम से कम पांच पौधे लगाए एवं उनकी तीन साल तक देखभाल करें। मुख्यमंत्री राजे ने जनता से अपील की है कि लगाए गए पौधे के साथ सेल्फी लें एवं उसे हमारे सोशल मीडिया, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #MyGreenRajasthan हेसटैग के साथ शेयर करें।

60 लाख पौधे लगाने का है इस साल लक्ष्य

गोविंदपुरा के बीड़ गांव में आयोजित वन महोत्सव के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि प्रदेश के पर्यावरण को सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए जरूरी है कि हर एक व्यक्ति इस अभियान से जुड़े। मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के दूसरे चरण में प्रदेश भर में 60 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि वन महोत्सव के दौरान प्रदेश भर में 15 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा रहे है।

जल क्रांति के बाद अब वन क्रांति की ओर अग्रसर है राजस्थान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि जल स्वावलंबन अभियान के रूप में प्रदेश में जल क्रांति का आगाज हो चुका है। इसके बाद अब राजस्थान वन क्रांति की ओर अग्रसर है। पिछले साल जल संरक्षण के लिए जिस जन जागृति के साथ इस अभियान को शुरू किया गया था उसे जन-जन के सहयोग से वन संरक्षण की दिशा में आगे भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि इस अभियान में शहरी क्षेत्रों को भी जोड़ा गया है। शहरी क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त कुओं और बावड़ियों को दुरुस्त कर इस अभियान के माध्यम से पारम्परिक जल संरचनाओं को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है। राजसमंद में राणा रणजीत सिंह की बावड़ी, हिण्डौन में जच्चा की बावड़ी और अजमेर की नाचन बावड़ी इस अभियान की सफलता के बड़े उदाहरण है।

राजस्थान देश भर के लिए उदाहरण: डॉ. हर्षवर्धन

वन महोत्सव कार्यक्रम के मौके पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि जल एवं वन संरक्षण के लिए राजस्थान में जिस प्रकार के अभियान जलाएं जा रहे है उनसे यहां का पर्यावरण तो स्वस्थ बनेगा ही, साथ ही ऐसे अभियान देश और दुनिया के लिए उदाहरण पेश करते है।

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