Rajasthan Government Schemes for farmers

राजस्थान सरकार अब प्रदेश के किसानों को विदेशों में कृषि प्रशिक्षण देने के लिए भेज रही हैं । इसके लिए प्रदेश के 125 प्रगतिशील किसानों का चयन होगा। सोमवार को विधानसभा में कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी से अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए जवाब में कई घोषणाएं की। सैनी ने सदन को बताया कि मुख्यमंत्री काश्तकार विदेश प्रशिक्षण यात्रा योजना के तहत प्रदेश के 125 प्रगतिशील किसानों के पांच दल बनाकर विदेश में प्रशिक्षण हेतु भेजा जाएगा। इसके अलावा राज्य  की कृषि उपज मण्डी समितियों में महिलाओं के द्वारा कृषि उपज के विक्रय के पश्चात ई-भुगतान प्राप्त करने पर सावित्री बाई फूले महिला कृषक सशक्तीकरण योजना की में पचास हजार रुपए से अधिक का ई-भुगतान प्राप्त करने पर 500 रुपए तथा एक लाख रुपए से अधिक ई-भुगतान पर 1000 रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे महिलाओं के बैंक खाते में जमा की जाएगी।

किसान पुत्रियों के विवाह के लिए सहायता राशि 20 से 50 हजार

कृषि उपज के व्यापार में ज्यादा से ज्यादा डिजीटल लेन-देन को प्रोत्साहन देने के लिए कृषि उपज विक्रय ई-भुगतान सामाजिक सरोकार से जुड़ी महात्मा ज्योतिबा फूले श्रमिक कल्याण योजना में अनुज्ञापत्रधारी हमाल, पल्लेदारों को प्रसूति, विवाह, छात्रवृति, चिकित्सा, सहायता मण्डी  समितियों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। पुत्रियों के विवाह के लिए सहायता राशि को 20,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मण्डी समिति मदनगंज किशनगढ़ में दलहन विशिष्ठ मण्डी बनाई जाएगी। इसी प्रकार  हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के प्रदर्शन हाईटेक सेन्टर बस्सी, जयपुर में स्थापित किए जाएंगे। राज्य में उद्यानिकी विकास को गति देने के मकसद से विगत वर्षों से सेंटर ऑफ  एक्सीलेन्स की स्थापना की गई थी। इसी क्रम में सवाई माधोपुर में फूलों, चित्तौड़गढ़ में सीताफल एवं बूंदी में सब्जियों का सेंटर ऑफ  एक्सीलेन्स स्थापित किए गए है।

जैतून की पत्तियों से बनेगी चाय

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जैतून की खेती में नवाचार करते हुए इससे पत्तियों से चाय बनाने का एमओयू किया गया है। जयपुर जिले के ग्राम बस्सी में जैतून की पत्तियों से चाय बनाने की फैक्ट्री स्थापित की जा रही है। राजस्थान की चाय को अन्तरराष्टीय बाजार जैसे अमेरिका, यूरोप आदि तक भिजवाने के लिए प्रकिया इस वर्ष तक पूर्ण कर ली जाएगी।

किसानों को निशुल्क मिलेंगे क्विनवा बीज मिनिकिट्स

राज्य में क्विनवा की खेती की सफलता को देखते हुए वर्ष 2016-17 में 50 हजार किसानों को क्विनवा बीज मिनिकिट्स का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रमुख उद्यानिकी गतिविधियों के तहत 30000 हैक्टेयर क्षेत्र में फव्वारा संयंत्र की स्थापना कराई जाएगी। इसी प्रकार 30000 हैक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं मिनि स्प्रिंकलर की स्थापना कराई जाएगी। इसी तरह 5.75 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में ग्रीन हाउस व शैडनेट हाउस की स्थापना कराई जाएगी। करीब 10000 सौर उर्जा पम्प संयंत्र स्थापित कराए जाएंगे।

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