Election Commission

राजस्थान में वर्ष 2018 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर है। चुनाव आयोग ने इस दिशा में अपना काम शुरू कर दिया है। इसी बीच भारत निर्वाचन आयोग के उपचुनाव आयुक्त डॉ. संदीप संक्सेना ने आगामी विधानसभा आम चुनाव-2018 की तैयारियों के संबंध में नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत और सभी जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी व निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। Election Commission 

सक्सेना ने गुरुवार वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को खास ‘इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान’ बनाकर काम करने की सलाह दी। उन्होंने मतदाता सूचियों में नए नामों को जोड़ने, बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) की मिटिंग करवाने जैसी आम बातों से लेकर मतदान के दिन मतदान केंद्रों को वोटर फ्रेंडली बनाने, चुनाव के लिए पर्याप्त स्टाफ जुटाने, चुनाव व्यय निगरानी, वीवीपैट और ईवीएम रख-रखाव, संवदेनशील मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग करवाने, कार्मिकों को प्रशिक्षण, सर्विस प्रोवाइडरों से बातचीत करने जैसे कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और आयोग द्वारा इस बारे में जारी निर्देशों से भी उन्हें रूबरू करवाया। Election Commission 

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और संशोधन करवाने का हो ज्यादा से ज्यादा प्रचार Election Commission 

निर्वाचन आयोग के उपचुनाव आयुक्त डॉ. संक्सेना ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और संशोधन करवाने का ज्यादा से ज्यादा प्रचार किया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग अपने मत का प्रयोग कर सके।। उन्होंने कहा कि सभी जिम्मेदारियों के साथ अब जिला निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव संबधी तैयारियां के भी जुट जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने कहा कि प्रदेश के अधिकारी पिछले कई महीनों से चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

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उन्होंने बताया कि प्रदेश विभिन्न अभियानों के तहत पिछले एक वर्ष 40 लाख से ज्यादा नए मतदाता जोड़े गए हैं। ज्यादातर मतदाताओं के पहचान पत्र बनकर वितरण होने लगे हैं। प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारी संबंधित विभागों के संपर्क में हैं। कुछेक मतदान केंद्रों पर बिजली के कनेक्शनों को छोड़कर ज्यादातर केद्रों को वोटर फ्रेंडली बनाया जा रहा है। ईवीएम, वीवीपैट के लिए वेयरहाउसेज देख लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत से ज्यादा ईवीएम मशीनों की एफएलसी हो चुकी है।

31 जुलाई को मतदाता सूचियों का होगा अंतिम प्रकाशन

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने कहा कि प्रदेश भर में मतदाता सूचियों का प्रारुप प्रकाशन 31 जुलाई को व मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा और इसी के आधार पर चुनाव भी करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पूर्व ज्यादा से ज्यादा योग्य मतदाताओं को इसमें शामिल किया जाएगा।

उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश में चुनाव संबंधी तैयारियों पर लगातार काम हो रहा है और प्रदेश में स्वतंत्र-निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके चुनाव सम्पन्न कराए जाएंगे। इस दौरान आयोग के सूचना एवं तकनीक विभाग के निदेशक डॉ. वी.एन. शुक्ला ने ईआरओ नेट के नए संस्करण से भी सभी अधिकारियों को अवगत कराया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रेखा गुप्ता, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद पारीक, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी (आईटी) एमएम तिवारी, हरिशंकर गोयल, सुभाष दानोदिया सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

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