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राजस्थान सरकार एक्शन में है। पिछले साढ़े तीन सालों में राज्य सरकार ने प्रदेस के बिगड़े हुए हालात को सुधारने के लिए अथक प्रयास किए है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सुपरविजन में राजस्थान हर रोज नए आयाम लिख रहा है।  हाल ही में प्रदेश के बाड़मेर में एक घटनाक्रम ने सबकों चौंका दिया है। बाड़मेर के राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार बाहरी को महिला का अंध विश्वास के नाम पर इलाज करने के मामले में निलंबित किया है। सरकार प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को बंद करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई करना आवश्यक है। राजे सरकार के इस कड़े कदम में प्रदेश के सभी महकमों में एक सकारात्मक पैगाम गया है। निश्चित ही राजस्थान में महिलाओं पर अंधविश्वास के नाम पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए यह निलंबन कारगर सिद्ध होगा।

जाने क्या है पूरा मामला

कुछ दिनों सें क्षेत्र में महिलाओं को बाल काटने के मामले आ रहे थे ऐसे में एक महिला के बाल काटने की घटना से पीडित एक महिला को बाड़मेर के राजकीय चिकित्सालय के इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया था। इस दौरान ड्युटी पर तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर सुरेंद्र कुमार बाहरी का महिला का इलाज किए जाने का वीडियों भी वायरल हुआ है। वीडियों में देखा जा सकता है कि डॉक्टर सुरेंद्र महिला के बाल पकड़कर उठाते है एवं दो थप्पड़ लगाते है। बताया जा रहा है कि इससे पहले डॉक्टर ने महिला से शरीर से भूत भगाने के लिए अगरबत्ती भी जलाई थी। वीडियो में साथ तौर पर देखा जा सकता है कि एक अन्य चिकित्सक डॉक्टर बाहरी को महिला के थप्पड़ लगाने से रोक रहा था।

पहले भी आ चुकी है डॉक्टर बाहरी के खिलाफ शिकायतें

घटना के बाद चिकित्सा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए डॉक्टर सुरेंद्र कुमार बाहरी को निलंबित कर दिया है। राजस्थान सरकार ने महिलाओं पर अत्याचार करने वाले डॉक्टर को राजकीय चिकित्सालय बाड़मेर को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया है। इलाज के नाम पर महिला पर अत्याचार करने वाले इन डॉक्टर के खिलाफ पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके है जिस पर सरकार ने पहले कार्रवाई की थी। पहले भी डॉक्टर बाहरी को सरकार की और से नोटिस मिल चुके है जिनका उन्होने जवाब नही दिया था जिसके बाद सरकार ने उन्हे निलंबित कर दिया।

ना करें डॉक्टर बाहरी जैसे लोगों का समर्थन

जिस प्रकार से डॉक्टर बाहरी महिला का इलाज के नाम पर अंधविश्वास के चलते थप्पड़ मारते है ऐसे लोगों का पीडित परिवार भी समर्थन ना करें। राजस्थान में अक्सर अंधविश्वास के नाम पर बीमारियों का इलाज किया जाता है लेकिन अस्पतालों में चिकित्सकों द्वारा किए जा रहे ऐसे कार्यों का समर्थन नही करे। समाज को महिला अत्याचार बनानें के लिए सरकार अपने भरसक प्रयास कर रही है ऐसी घटनाओं के खिलाफ लोगों को शिकायत करनी चाहिए ताकि समाज की व्यवस्थाएं बनी रहें|

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