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राजस्थान दिनों-दिन विकास की नई कहानियां लिखता जा रहा है। शायद यह किसी ने नही सोचा होगा कि राजस्थान में भी चाय का उत्पादन होगा और वो भी सेहतमंद चाय। जीहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के विजन ने राजस्थान को नई ऊंचाईयों पर पहुंचा दिया है। राजस्थान आज देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में टॉप पर खड़ा है। मुख्यमंत्री राजे के पहले कार्यकाल में इजराइल से आए जैतून के पौधों ने राजस्थान के किसानों की तकदीर बदल दी है। आज राजस्थान देश भर में जैतून उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है यहीं नही यहां जैतून के तेल की रिफाइनरी भी है और अब राजस्थान सरकार जैतून से बनने वाली चाय भी लॉंच करने जा रही है।

ऑलिटिया” से मिलेगा स्वाद और सेहत

राज्य सरकार के प्रयासों से अब पूरे एशिया में पहली बार जैतून के पत्तों से निर्मित ओलिव ग्रीन टी का स्वाद लिया जा सकेगा। राजस्थान सरकार ने इसके लिए राजधानी जयपुर के निकट बस्सी में संयत्र लगाया है जहां चाय का उत्पादन किया जा रहा है। यह चाय एंटी डायबिटीज और भरपूर एंटी ऑक्सीडेंट का ख़जाना होगी। राजस्थान कृषि क्षेत्र में नवाचारों को अपनाने और सुधारों को लागू करने में देश में अव्वल है। राज्य सरकार ने बीकानेर के लूणकरणसर में देश की पहली जैतून रिफाइनरी की स्थापना कर देश का पहला स्वदेशी ऑलिव ऑयल ब्रांड राज ऑलिव तैयार कर उसका विपणन किया जा रहा है। इसके बाद अब राजस्थान से ही देश की पहली ऑलिव ग्रीन टी “ऑलिटिया ” बाजार में आई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसे आज लॉच किया है। इसके लिए बस्सी में ऑलिव सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किया गया है जो कि इजलाइल की सहायता से चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री राजे के प्रयासों से देश में पहले स्थान पर हम

राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रेरणा से साल 2008 में इजरायल से एक लाख पौधों का आयात कर राज्य में जैतून की खेती का प्रयोग शुरू किया गया था।  पहली बार राजस्थान के 240 हैक्टेयर पर ऑलिव ऑयल की खेती शुरी की गई । साथ ही इजरायल के साथ राजस्थान आलिव कल्टीवेशन लिमिटेड आर ओ सी एल संयुक्त उद्यम की स्थापना भी की गई। वर्तमान में राज्य के 8 कृषि फार्म्स के 5000 हेक्टर क्षेत्रों में यह खेती की जा रही है। राजस्थान वर्तमान में 7 प्रकार की ऑलिव किस्मों का उत्पादन कर रहा है। राजस्थान में उत्पादन कि जा रही जैतून की चाय स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद तो है ही साथ ही इससे किसानों के चेहरों में नई चमक लाने में भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कामयाब हुई है। राजस्थान में करीब 50 हजार किलोग्राम जैतून की चाय ऑटिलिया का उत्पादन बस्सी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से किया जाएगा।

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राजस्थान सरकार के प्रयासों से हुई जैतून की खेती

राजस्थान सरकार के प्रयासों से जैतून की खेती में प्रदेश के किसानों को अप्रत्याशित सफलता मिली हैं। जैतून की खेती के लिए वसुंधरा सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अब धरातल पर नजर आ रहे हैं। कहा जा सकता हैं कि मुख्यमंत्री राजे के प्रयासों से ही राजस्थान जैतून के उत्पादन में देश को अपना सर्वश्रेष्ठ देने जा रहा हैं। राजस्थान देश का पहला राज्य है जो जैतून के तेल का उत्पान कर रहा हैं। फिलहाल देश में जैतून के उत्पादनों को शत-प्रतिशत आयात ही किया जा रहा हैं।

लूणकरणसर में 4 करोड़ की लागत से बना तेल संयंत्र

बीकानेर के लूणकरणसर में 30 हैक्टेयर, कोलायत में 12.5 हैक्टेयर, महाजन के पूनरासर में 6 हैक्टेयर में इस बार जैतून की खेती की गई हैं। राज्य सरकार ने लूणकरणसर में 4 करोड़ की लागत से जैतून का तेन निकालने का संयत्र स्थापित किया हैं। हालांकि इस संयंत्र के मुताबिक अभी तक प्रदेश में जैतून का उत्पादन नही हो पाया हैं। प्रदेश में जैतून का उत्पादन राज्य सरकार के तेल संयंत्र की क्षमता से कम हैं।

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