Collector SP Conference Day 2

राजस्थान में कानून व्यवस्था की नब्ज टटोलने के लिए 24 से 27 नवंबर तकर कलक्टर-एसपी कॉंफ्रेंस आयोजित की गई। इस कॉंफ्रेंस में कानून व्यवस्था के अलावा सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री कार्यालय में 24 नवंबर को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कॉंफ्रेंस का उदघाटन किया । पहले दिनइसमें एक दर्जन से ज्यादा विभागों के कामकाज पर प्रेजेंटेशन दिया गया। दूसरे दिन यानी 25 नवंबर को कलक्टरों व विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक मुख्यमंत्री राजे की बैठक हुई।  26 नवंबर को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया का उद्भोदन सत्र में आम आदमी पुलिस व्यवस्था में सुधारात्मक कदम, एफआईआर दर्ज करवाने में सामान्य प्रक्रिया तथा सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम पर चर्चा हुई। कानून व्यवस्था पर डीजी का प्रेजेंटेंशन हुआ। 27 नवंबर को ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित प्रेजेंटेंशन दिया गया इसमें पंचायती राज, जल संसाधन व वन विभाग की भूमिका पर चर्चा की गई।

इन पुलिस अधिकारियों ने दी मुख्यमंत्री को प्रेजेंटेशन

जानकारी के अनुसार कलक्टर-एसपी कॉंफ्रेंस के अंतिम दिन 26 नवंबर को पुलिस अधिक्षकों की कॉंफ्रेंस हुई। इस दिन अजमेर रेंज आईजी साइबर क्राइम, आईजी भरतपुर स्मार्ट पुलिसिंग, आईजी बीकानेर पुलिस पब्लिक इंटरफेस, कमिश्नर जयपुर संपर्क पोर्टल ग्रीवेंस रेड्रेसल, आईजी जयपुर रेंज ट्रेनिंग-रोल इन प्रोफेशनल पुलिसिंग, कमिश्नर जोधपुर साइंटिफिक एट्स टू इंवेस्टिगेशन, आईजी जोधपुर रेंज रिड्युसिंग रोड़ एक्सीडेंट, आईजी कोटा रेंज वुमेर एंड चाइल्ड सेफ्टी, आईजी उदयपुर रेंज इंप्रुविंग मोरल एंड मोटीवेशन ऑफ पुलिसमैनस एससीआरबी एडीजी पुलिस मेजरमेंट सिस्टम और एडीजी उमेश मिश्रा टेक्लिंग ऑर्गनाइज्ड क्राइम पर अपनी टीम के साथ प्रेजेंटेशन दिए।

सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की ली जानकारी

मुख्यमंत्री राजे ने कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे कलक्टर्स, विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों एवं सचिवों द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण देखे।  राजे ने राजस्व से जुड़े मामलों को ज्यादा लम्बित नहीं रखने, दूसरों की जमीन पर कब्जे कर बैठे लोगों की कब्जे हटाकर वास्तविक हकदार को जमीन दिलाने, डिजिटल इंडिया लेण्ड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन कार्यक्रम, रास्ता अभियान 2016 तथा जन कल्याण पंचायत शिविर में रास्तों से जुड़े मामलों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा एलईडी योजना एवं वेस्ट टू एनर्जी पर भी चर्चा की।  स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अन्नपूर्णा रसोई योजना, शहरी क्षेत्र में आयोजित होने वाले जन कल्याण पंचायत शिविर आदि के बारे में प्रजेंटेशन दिया गया।

आमजन का हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाने में करें सहयोग

कलक्टर-एसपी कॉंफ्रेंस के तीसरे दिन मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि आमजन का हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाने में जिला प्रशासन के साथ-साथ जिला पुलिस अधिकारियों के बीच आपसी सहयोग एवं समन्वय अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विभिन्न जिलों में शुरू हुए नवाचारों और अच्छी कार्य पद्धतियों को दूसरे जिलों में शुरू किया जाना चाहिए। कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन बिजली की छीजत घटाने और चोरी रोकने, ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों पर चर्चा हुई। इसके अलावा स्वच्छता अभियान, कचरा प्रबंधन, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान जैसे कार्यक्रमों की सफलता के लिए भी जिला कलक्टर्स और जिला पुलिस अधीक्षकों का आपसी समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई। कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार सिंह ने प्रदेश में अपराधों की रोकथाम के परिदृश्य, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यूआर साहू ने आंतरिक सुरक्षा की स्थिति एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एनआरके रेड्डी ने विभिन्न जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिए। कलक्टर्स के चार उपसमूहों की ओर से जिला कलक्टर्स की कार्यक्षमता बढ़ाने, खुशहाली इंडेक्स बढ़ाने, प्रशासनिक कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल और जनअभाव अभियोग निराकरण की व्यवस्था में सुधार पर प्रजेंटेशन दिए।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान पर हुई विस्तृत चर्चा

कलक्टर-एसपी कॉंफ्रेंस के चौथे और अंतिम दिन मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री राजे ने जल स्वावलंबन अभियान को सफल बनाने के लिए दोगुने जोश और जज्बे से कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अभियान को सफलता के उस चरम तक ले जाना है कि किसी भी परिस्थिति में हमें जल के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़े। मुख्यमंत्री ने ग्राउण्ड वाटर एसेसमेंट रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि 2013 में राजस्थान के मात्र 25 ब्लॉक ही सुरक्षित श्रेणी में थे। अभियान की सफलता के बाद यह सेफ ब्लॉक बढकर 50 हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में संग्रहित हुए करीब 11 हजार 170 मिलियन क्यूबिक फीट जल से करीब 41 लाख लोग तथा 45 लाख पशुधन सीधे लाभान्वित हुआ है। साथ ही अभियान में करीब 26.50 लाख पौधे लगाने का भी ऐतिहासिक काम हुआ है।

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