राजस्थान में बिजली के कृषि कनेक्शनों पर बिजली की बढ़ी हुई दरें वापस लेने के चौथे दिन भी प्रदेश के किसानों ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का आभार व्यक्त किया। गुरूवार को जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्रों के सैंकड़ों किसान कृषि बिजली की दरों को कम करने के लिए मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे का आभार जताने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे।

मुख्यमंत्री राजे ने ट्रेक्टर पर बैठकर किया किसानों को संबोधित

प्रदेश भर से आये किसानों को मुख्यमंत्री राजे ने ट्रेक्टर पर बैठकर राम-राम कहकर संबोधित किया। किसान भाईयों के प्रेम और स्नेह से अभीभूत होकर मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि किसानों से मेरा रिश्ता राजनीति का नही बल्कि पारिवारिक हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश की जनता ने हमारी सरकार को भरपूर प्यार दिया है, हर मोड पर साथ दिया है तो सरकार भी उनकी हर संभव मदद करने को तत्पर है। उन्होंने कहा कि जब बिजली की बात आई तो मैंने दो-तीन महीने में किसानों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों से बात करके किसानों को राहत देने का निर्णय लिया।

दोगुने उत्साह से करेंगे काम

किसानों को संबोधिक करते हुए मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि सरकार के फैसले का स्वागत करने प्रदेशभर से किसान आकर हमारी हिम्मत बढ़ा रहे हैं इससे हमें दोगुने उत्साह के साथ जनता की सेवा करने की प्रेरणा मिलेगी।

तीन साल में कई चुनौतियों का सामना किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले तीन सालों में कई चुनौतियों का सामना किया है। पिछली सरकार के छोडे़ गए हजारों करोड़ के कर्ज और हिसाब-किताब में गड़बड़ी को ठीक करते हुए हम प्रदेश को विकास की पटरी पर लाए हैं। मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि किसानों की तकलीफ को समझते हुए हमने कृषि बिजली की दरों में कमी करते हुए इसका अतिरिक्त भार अपने ऊपर लिया है। अब किसान भाई भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बिजली की छीजत को न्यूनतम स्तर तक लाने में पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अजमेर के भीमपुरा का उदाहरण सबके सामने है। अब वहां बिजली की छीजत 48 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत तक आ गई है और इससे वहां बिजली आपूर्ति काफी अच्छी हो गई है।

जल स्वावलम्बन अभियान से बदली तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान शुरू होने के बाद से प्रदेश की तस्वीर बदल रही है। अभियान के दौरान तैयार की गई जल संरचनाओं में बारिश का पानी भरने के बाद भू-जल स्तर भी बढ़ा है। प्रदेश में डार्क जोन घोषित 270 में से 25 ब्लॉक अब डार्क जोन से बाहर आग गए हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी जल स्वावलम्बन अभियान चलता रहा तो अन्य ब्लॉक भी डार्क जोन से बाहर आ जायेंगे, जो राजस्थान जैसे प्रदेश के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।

राजस्थान दूसरे राज्यों को लिए बना मिसाल

मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि जन सहभागिता से लागू की गई योजनाओं के कारण ही प्रदेश अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन गया है। दूसरे राज्यों के लोग भामाशाह योजना, स्वास्थ्य बीमा योजना, अन्नपूर्णा भण्डार जैसे कार्यक्रमों का अध्ययन करने के लिए हमारे यहां आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को उन लोगों से बचकर रहने की जरूरत है, जो विकास से ध्यान हटाने के लिए हमें भ्रमित करने की कोशिश करते रहते हैं।

प्रदेश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकेगा

मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि इस प्रदेश के लोगों में हुनर है, उसे सही तरीके से तराशने और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। हमने यह काम करके लाखों लोगों को रोजगार के लायक बनाया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और जनता साथ मिलकर एक परिवार की तरह काम करेंगे तो प्रदेश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here