राजस्थान के वीर हमेशा से ही देश प्रेम और सेवा में अग्रणी रहे हैं। राजस्थान वीरता, शौर्य, त्याग और बलिदानियों की भूमि है। महाराणा प्रताप ने आजादी के लिए और वीरतेजाजी ने गायों की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। आज हर जगह उनकी पूजा होती है। राजस्थान के वीर सपूत भी अपने देश और मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण त्याग करने में आगे रहते हैं वे माताएं धन्य हैं, उन्हें नमन है, जिन्होंने ऐसे वीर सपूतों को जन्म दिया।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को राजस्थान के तीन ज़िलों में देश के प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों के घर पहुंचकर उन्हे श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने सोमवार को बाड़मेर जिले के शहर गांव, जैसलमेर के लोंगासर गांव (भोपाल सिंह की ढाणी) एवं जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के खिरजाखास गांव में जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों को सांत्वना देते हुए पूरी मदद देने का विश्वास दिलाया।

बाड़मेर के वीर शहीद को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बाड़मेर के शहर गांव जाकर जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए प्रेमसिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री राजे ने शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाया और कहा कि शहीद प्रेमसिंह ने अपने गांव का ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है और उन पर पूरे देश को गर्व है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर शहीद प्रेमसिंह के स्मारक के लिए जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में जिला कलक्टर सुधीर शर्मा को उचित दिशा निर्देश प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री राजे के साथ पंचायती राज मंत्री सुरेंद्र गोयल, सांसद कर्नल सोनाराम, विधायक कैलाश चौधरी सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

जैसलमेर के शहीद नरपत सिंह को अर्पित किए श्रद्धा सुमन

बाड़मेर के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जैसलमेर जिले की भणियाणा तहसील के लोंगासर गांव (भोपालसिंह की ढाणी) जाकर शहीद नरपत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।  उन्होंने शहीद के वृद्ध एवं अस्वस्थ पिता सवाई सिंह से कुशलक्षेम पूछी और उन्हें सम्बल देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। साथ ही उन्होने शहीद के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि शहीद की माता धन्य हैं, जिनकी कोख से देश के लिए शहादत देने वाले नरपतसिंह जैसे सपूत पैदा हुए। शहीद की पत्नी को सहायता के रूप में 20 लाख रुपए का चैक प्रदान किया गया हैं।

शहीद का बेटा भी सेना में जाने को तैयार

मुख्यमंत्री ने जब शहीद नरपत सिंह के आठ वर्षीय पुत्र फूलसिंह से पूछा कि वह बड़ा होकर क्या बनेगा तो उसने कहा कि मैं भी सेना में भर्ती होकर अपने देश की रक्षा करूंगा। इस पर मुख्यमंत्री ने शहीद की पत्नी से कहा कि वह अपने पुत्र एवं पुत्रियों को अच्छी शिक्षा दिलाएं और उनकी अच्छी परवरिश करें। शहीद नरपत सिंह का राजमथाई विद्यालय में स्मारक बनाया जा रहा हैं।

जोधपुर के लाल की तस्वीर पर अर्पित किए श्रद्धासुमन

मुख्यमंत्री राजे जोधपुर जिले की शेरगढ़ तहसील के खिरजाखास गांव में शहीद प्रभूसिंह के पैतृक निवास पर गई तथा शहीद सपूत की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद उनके परिजनों को ढाढस बंधाया। उन्होंने परिजनों से कहा कि शहीद प्रभूसिंह के परिवार के और भी कई सदस्य फौज में हैं तथा पूर्व में भी इनकी पीढ़ियां फौज में रही हैं। देश के लिए जो भी शहीद हुआ है वह बहादुरी से गया है और इन्हीं लोगों के बल पर हमारा कल है।

 

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