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राजस्थान सरकार प्रदेश की जनता को अपराध जगत से बचाने और प्रदेश में आपराधिक गतिविधियों को कम करने के लिए देश का पहला हाईटेक पुलिस कंट्रोल रूम यानी अभय कमांड सेंटर जयपुर से शुरू किया था। मुख्यमंत्री राजे प्रदेश के निवासियों को सुरक्षा के साथ आत्मसम्मान का जीवन प्रदान करना चाहती हैं जिसके चलते इस अभय कमांड सेंटर का जयपुर में स्थापित किया गया।

अभय कमांड सेंटर के बाद कम हुए अपराध

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश में बढ़ती अपराध की घटनाओं को रोकने और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ हो रहे घरेलू अत्याचारों पर अंकुश लगाने के लिए राजधानी जयपुर में अभय कमांड सेंटर को शुरू किया था। इस सेंटर की सफलता के परिणाम अब जनता के सामने आने लगे है। अभय कमांड़ सेंटर के शुरू होने से लेकर अब तक जयपुर में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में अप्रत्याशित कमी देखने को मिली है। हाल ही में वर्ल्ड बैंक के कंसल्टेंट्स मार्टिन स्माल और भाविन शाह ने पुलिस कमिश्नरेट जयपुर में इस सेंटर का अवलोकन किया। अवलोकन के दौरान वे अभय कमांड सेंटर की शहर पर कमांड की व्यवस्था को देख काफी प्रभावित हुए।

अपराध और यातायात नियंत्रण में मिलती है अभय की सहायता

पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने कंसल्टेंट्स को आमजन की सुरक्षा एवं सहायता के संबंध में अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों, वीडियो सर्विलांस, 100 नंबर डायल सिस्टम, डिस्पेचर व फोरेंसिक तकनीक तथा आईटीएमएस सिस्टम एवं कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही महिला सुरक्षा एप, महिला गरिमा, पुलिस व्हाट्सएप हेल्पलाइन एवं सीनियर सिटीजन हेल्पलाइन तथा एप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कंट्रोल रूम के जरिये अपराध नियंत्रण के साथ-साथ यातायात प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।

सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग के लिए नए सॉफ्टवेयर का होता है इस्तेमाल

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (द्वितीय) नितिन दीप ब्लग्गन ने कंसल्टेंट्स को अभय कमांड सेंटर के विभिन्न भागों का भ्रमण करवाया और प्रत्येक भाग के कार्य की जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त (अपराध) डॉ. विकास पाठक ने बताया कि संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से तैयार किए गए एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत क्राइम हॉट स्पॉट एनालिसिस सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी दी। जयपुर शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखने के लिए कंट्रोल रूम में एलसीडी स्क्रीन के साथ ही नए कम्प्यूटर व सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है।

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