Hindu migrants of pakistan

हाल ही में राजस्थान सरकार ने हिन्दू विस्थापितों के ​हित में बड़ा निर्णय लिया था। सरकार ने हिन्दू विस्थापितों को आधी कीमत पर घर बनाने के लिए भूखंड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। हालांकि ये भूखंड उन हिन्दू विस्थापितों को उपलब्ध कराने की योजना है जिनको भारतीय नागारिकता मिल चुकी है। वर्तमान सरकार यानि वसुंधरा राजे सरकार ने बड़ी राहत के कदम उठाते हुए को हिन्दू विस्थापितों को नागरिकता देने सहित कई संबंधित मामलों में तेजी दिखाई है। Hindu migrants of pakistan

बीजेपी सरकार सत्ता में आने के बाद से ही ​हिन्दू विस्थापितों को राहत देने के लिहाज से उचित कदम उठा रही है। इस संबंध में खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कई बार केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिल चुकी है। हाल ही में मुख्यमंत्री ​दिल्ली दौर पर थीं। इस दौरान वे एक बार फिर केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलीं। इस दौरान हिन्दू विस्थापितों की समस्याओं और उनका समाधान पर विस्तार से चर्चा की। आइये जानते हैं मुख्यमंत्री राजे ने ​किन मुद्दों पर गृहमंत्री से विस्तार चर्चा की है..

नागरिकता संबंधी मुद्दों पर गृह मंत्रालय सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र लेगा निर्णय Hindu migrants of pakistan

प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान भारत में बसे पाकिस्तान, अफगानिस्तान एवं बांग्लादेश के हिन्दू विस्थापितों को नागरिकता देने की प्रक्रिया को और तेज एवं सरल करने का आग्रह किया। केन्द्रीय गृह मंत्री सिंह ने इस मुद्दें पर आश्वस्त करते हुए कहा ​कि हिन्दू विस्थापितों के नागरिकता संबंधी मुद्दों पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय सकारात्मक रुख अपनाते हुए शीघ्र निर्णय करेगा। Hindu migrants of pakistan

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सीएम राजे ने केन्द्रीय गृह मंत्री को बताया कि राजस्थान के विभिन्न जिलों में ऐसे अनेक विस्थापितों के आवेदन लंबित हैं। इसके बाद अब जल्द ही हिन्दू विस्थापितों को गृह मंत्रालय से अच्छी ख़बर मिलने के आसार नज़र आ रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले लंबे समय से देश में रहे रहे हिन्दू विस्थापित ​भारतीय नागरिकता की मांग करते रहे हैं। Hindu migrants of pakistan

गृह मंत्रालय ने तीन जिलों के जिला मजिस्ट्रेट को नागरिकता देने के दिए अधिकार Hindu migrants of pakistan

गृह मंत्रालय ने राज्य के तीन जिलों जयपुर, जोधपुर एवं जैसलमेर के जिला मजिस्ट्रेट को इन विस्थापितों को स्थायी रिहाइश एवं भारतीय नागरिकता देने के अधिकार दिए हैं। शेष जिलों के लिए राज्य के गृह सचिव को अधिकृत किया गया है। गजट नोटिफिकेशन से दो वर्ष की अवधि तक ही यह अधिकार सीमित हैं। Hindu migrants of pakistan

मुख्यमंत्री राजे ने इस अवधि को एक वर्ष और बढ़ाने का सुझाव दिया है। उन्होंने साथ ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह से राज्य के उदयपुर, पाली, जालोर, अलवर एवं बाड़मेर के जिला मजिस्ट्रेट को भी यह अधिकार देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने स्थायी नागरिकता के इच्छुक इन हिन्दू विस्थापितों के लॉन्ग टर्म वीजा की पांच वर्ष की अवधि को बढ़ाने के अधिकार भी राज्य सरकार के स्थान पर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को देने की राय भी केन्द्रीय गृह मंत्री के सामने रखी है।

पहली बारी लॉन्ग टर्म वीजा की प्रक्रिया में तेजी लाने का सुझाव

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हिन्दू विस्थापितों के हित में बात करते हुए गृह मंत्री को बताया कि नागरिकता देने से पहले आईबी की रिपोर्ट केन्द्रीय गृह मंत्रालय से आने में काफी समय लगता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए अगस्त, 2017 में केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा निर्देशों को लागू करते हुए आईबी रिपोर्ट की एक प्रति सीधे ही जिला मजिस्ट्रेट को भिजवाने के लिए निर्देश दिया जाना उचित होगा।

मुख्यमंत्री राजे ने गृह मंत्रालय द्वारा पहली बार जारी किए जाने वाले लॉन्ग टर्म वीजा की प्रक्रिया में भी तेजी लाने का सुझाव गृह मंत्री राजनाथ सिंह को दिया। इस पर गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वासन देते हुए कहा कि इन सभी मुद्दों पर जल्द विचार किया जाएगा और हिन्दू विस्थापितों के हित में सरकार शीघ्र ही उचित फैसले लेगी।

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