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प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री राजे के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने कई अथक प्रयास किए है जिनका नतीजा केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार की सराहना के तौर पर राजस्थान को मिला है। मुख्यमंत्री राजे द्वारा किए गए शिक्षा क्षेत्र के नवाचारों से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में काफी हद तक सहायता मिली है वहीं बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री राजे की संजीदगी का कोई पर्याय नही हो सकता। राजस्थान में पिछड़ी हुई और लचर शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री राजे ने समाज के समृद्ध व्यक्तियों से आह्वान किया और इसका नतीजा यह हुआ की समाज के भामाशाहों ने मुख्यमंत्री राजे पर विश्वास कर अपनी लाखों की संपत्ति बच्चों के भविष्य हेतु दान कर दी। मुख्यमंत्री राजे ने सूबे के ऐसे महान दानियों को सम्मानित किया जिन्होने नौनिहालों के उज्जवल भविष्य के लिए अपनी सम्पति का दान कर दिया।

109 भामाशाहों और 31 प्रेरकों को किया मुख्यमंत्री राजे ने सम्मानित

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बुधवार को 23वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में 109 भामाशाहों को सम्मानित किया। इन भामाशाहों द्वारा प्रदेश में शिक्षा की अलख जगाने में निस्वार्थ भाव से 62 करोड़ 32 लाख रूपए का अभूतपूर्व आर्थिक सहयोग दिया गया है। इनके अलावा मुख्यमंत्री राजे ने प्रदेश के 31 प्रेरकों को सम्मानित किया है जिन्होने समाज के ऐसे भामाशाहों को प्रेरित करने का कार्य किया है।

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शिक्षा सुधार एवं नवाचार में राजस्थान बना आदर्श राज्य

मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के विकास में भामाशाहों द्वारा दिए जा रहे अमूल्य सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में कल्पनातीत बदलाव आया है। शिक्षा विभाग, शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों, भामाशाहों सहित सभी को इस ऐतिहासिक कायापलट का श्रेय देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान शिक्षा सुधार एवं नवाचारों के क्षेत्र में आदर्श राज्य बन गया है।

हमारे प्रतिभावान बच्चे गाड़ रहे है देश भर में सफलता के झंड़े

मुख्यमंत्री ने कहा कि शाला दर्पण और शाला दर्शन पोर्टल, उत्कृष्ट एवं आदर्श विद्यालय, बीएड इंटर्नशिप कार्यक्रम, शैक्षिक उन्नयन, सरकारी स्कूलों में पी.टी.एम. तथा स्मार्ट क्लास जैसे हमारे सफल नवाचारों की सराहना पूरे देश में हो रही है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नामांकन एवं परिणामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और गांव-ढ़ाणी में रहने वाले हमारे प्रतिभावान बच्चे भी देश-विदेश में अपनी सफलता के झंड़े गाड़ रहे हैं।

एजुकेशन फेस्टिवल जैसे आयोजन करने वाला देश का पहला राज्य

राजे ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत संकल्प के साथ हमने प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन लाने की शुरूआत की थी और मुझे खुशी है कि सभी के सहयोग से हम इसमें सफल रहे हैं। राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य होने जा रहा है जहां एजुकेशन फेस्टिवल जैसा महत्वपूर्ण आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारी शिक्षा प्रणाली को ग्लोबल एजुकेशन से जोड़ने का जरिया बनेगा।

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