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शुक्रवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश के विभिन्न विभागों की वीडियों कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक ली। इस बैठक में विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिवों, संभागीय आयुक्तों और जिल कलेक्टरों के साथ मुख्यमंत्री राजे ने विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री राजे ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परियोजनाओं एवं आमजन की समस्याओं के प्रभावी निराकरण की समीक्षा के लिए ‘राज विकास‘ के नाम से यह अभिनव पहल की है।

संपर्क पोर्टल पर आ रही शिकायतों का करें निस्तारण

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मुख्यमंत्री राजे ने सड़क निर्माण, पेयजल, सिंचाई जैसी जनहित की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में किसी भी कारणवश होने वाली देरी से परियोजना लागत बढ़ती है और आमजन को उसका समय पर लाभ नहीं मिल पाता है। मुख्यमंत्री राजे ने राजस्थान संपर्क पोर्टल सहित अन्य माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों पर संवेदनशीलता एवं तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनहित के मामलों में संवेदनशील नजरिया नहीं रखने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पेंशन में देरी के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा राजस्थान संपर्क पोर्टल से संबंधित समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि जयपुर की मालवीय नगर निवासी चौथी देवी को पेंशन मिलने में देरी क्यों हुई ? मुख्यमंत्री राजे ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी पुख्ता व्यवस्था विकसित करें जिससे कि पेंशन आदि प्रकरणों में लाभार्थी को उसके अकाउंट में पेंशन आने की सूचना मोबाइल पर मैसेज के जरिए दी जा सके। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफेंरसिंग के जरिए ही चौथी देवी तथा उनके परिजनों से बातचीत भी की। चौथी देवी ने बताया कि अब उनकी पेंशन पुनः चालू हो गई है। पुरानी बकाया पेंशन भी मिल गई है।

शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने वाले अधिकारियों पर करें कार्रवाई

बैठक में मुख्यमंत्री राजे ने ओमप्रकाश स्वामी द्वारा संपर्क पर राशन नहीं मिलने संबंधी प्रकरण की जानकारी ली। ओमप्रकाश ने समय पर राशन नही मिलने की शिकायत पोर्टल पर दर्ज की थी लेकिन 4 माह बाद भी शिकायत का निस्तारण नही हुआ। मुख्यमंत्री राजे ने त्वरित गति से ओमप्रकाश की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए और दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने के लिए जिला कलेक्टर को आदेश दिए।

सड़क, सिंचाई और पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए लगाई अधिकारियों को फटकार

नागौर, बीकानेर, झालावाड़, अजमेर, डूंगरपुर, बारां, सीकर, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा सहित अन्य जिलों से संबंधित सड़क, पेयजल, सिंचाई, पर्यटन, नगरीय विकास आदि विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अवाप्ति तथा वन भूमि से संबंधित बाधाओं को शीघ्रता से निपटाया जाए। उन्होंने अवाप्ति के प्रकरणों में शिविर लगाकर प्रभावितों और विस्थापितों को पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता से मुआवजा वितरित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बारां-मांगरोल-अंता के 42 गांवों की पेयजल आपूर्ति योजना को 31 जुलाई, 2017 तक पूरा करने, राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-89 के नागौर, जोधपुर तथा अजमेर जिले से सम्बन्धित कार्यों को जल्द पूरा करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री राजे ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण पट्टा अभियान तथा मुख्यमंत्री शहरी जनकल्याण शिविरों में पट्टा वितरण की भी समीक्षा की।

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